-पेडणेकर ने भाजपा-महायुति को घेरा
-मनपा के विधि विभाग में ‘अंधेरनगरी’
सामना संवाददाता / मुंबई
मनपा में इन दिनों भाजपा नेतृत्व वाली सत्ताधारी महायुति की मनमानी चल रही है। इस लापरवाही के चलते कई विभागों में अधिकारी और कर्मचारी तनाव में हैं, वहीं मनपा पर देनदारी का बोझ भी बढ़ता जा रहा है। इसे लेकर विरोधी पक्षनेता किशोरी पेडणेकर ने जोरदार हमला बोला है।
मनपा में अधिकारियों और कर्मचारियों पर कथित उत्पीड़न, अतिरिक्त काम का बोझ, तबादलों में मनमानी और वरिष्ठ स्तर पर समन्वय के अभाव की शिकायतें सामने आने के बाद विरोधी पक्षनेता किशोरी पेडणेकर ने महासभा में यह मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने पूरे मामले की तत्काल जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पेडणेकर ने सवाल उठाते हुए कहा कि मनपा में आखिर क्या चल रहा है? एक सलाहकार कंपनी के लगभग १३ करोड़ रुपए के भुगतान से जुड़े विवाद ने मनपा पर करीब ६५ करोड़ रुपए का आर्थिक बोझ डाल दिया है। लंबे समय तक चले न्यायालयीन विवाद के बाद मनपा को इतनी बड़ी रकम चुकाने की स्थिति पैदा हुई। आखिर इसके लिए कौन जिम्मेदार है? पेडणेकर ने कहा कि विधि विभाग के अधिकारी पहले से ही न्यायालयीन मामलों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके बावजूद उन पर अतिरिक्त प्रशासनिक काम का बोझ डाला जा रहा है।
