देश में हो रही लव जिहाद की घटनाओं ने हिला रख दिया। जिहादी हर रोज नए-नए पैतरों से अपनी सारी क्षमता का प्रयोग करते हुए हर रोज सैकड़ों लड़कियों को शिकार बना रहे हैं। केरल जैसे राज्य में तो सारी हदें जब पार हो गई तब जुलाई के महीने में कोर्ट मैरिज के पचास आवेदन आए और सारे के सारे आवेदन में सभी लड़के मुस्लिम थे और लड़कियां हिंदू। हर रोज राज्य स्तर पर धर्मांतरण विरोधी कानून भी बन रहे हैं लेकिन बावजूद इसके इसमें कोई कमी नहीं आ रही। बीते दिनों राजस्थान सरकार ने अवैध धर्मांतरण रोकने के लिए और कठोर प्रावधानों के साथ नया विधेयक लाने का फैसला किया है। इसके तहत ‘राजस्थान विधिविरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध विधेयक-2025’ का प्रारूप तैयार कर लिया गया है, जिसे आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा. राज्य मंत्रिमंडल ने इस विधेयक के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। मध्य प्रदेश में भी इस तरह का कानून लागू हुआ जिसमें अधिनियम के तहत दोषी को 10 साल तक की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।यह कानून सामूहिक धर्मांतरण को भी कवर करता है। इस अधिनियम के अनुसार, जो कोई भी धर्म परिवर्तन करना चाहता है, उसे 60 दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट को पूरी जानकारी के साथ घोषणा करनी होती है। वहीं कोई संभी धार्मिक पुरोहित जो धर्मांतरण समारोह आयोजित करना चाहता है, उसे भी 60 दिन पहले कलेक्टर को सूचना देनी होती है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश व हरियाणा के साथ तमाम राज्यों में धर्मांतरण विरोधी कानून बन हुए हैं लेकिन स्थिति सुधरने की बजाय हर रोज बिगड रही हैं। बीते दिनों जिम-जिहाद,पैसा देकर जिहाद,कैब जिहाद जैसे कई नए-नए तरीके के जिहाद सामने आए। देश में लव-जिहाद को लेकर एक अजीब सी स्थिति बन चुकी। कुछ संगठनों ने जब कट्टर मानसिकता के लोगों को पकड़ा तो उन्होनें कई तरह के राज उगले। जो बताया वह बेहद आश्चर्यचकित करने वाला था। उनके अनुसार उनको हिंदू लड़कियों को फसाकर निकाह करने पर पैसा मिलता है। यह भी बताया कि लडकी से शादी करके उन्हें छोड़कर फिर किसी अन्य किसी लडकी को फसाए जाने को कहा जाता है। जितनी ज्यादा लड़कियां उतना ज्यादा पैसा मिलता रहता है। इसके अलावा जिहादियों की गिरफ्त से छुटी लड़कियों ने बताया कि हमें सनातम धर्म की बुराई करके इस्लाम को अच्छा बताकर माइंड डाइवर्ट किया और हर रोज हमें कुछ भभूती खिलाते थे।साथ ही बॉलीवुड का उदाहरण देते थे कि बॉलीवुड में जितने भी मुसलमान हीरो है उनसे सभी बड़े घराने की हिंदू लड़कियां ही शादी करती है। इसके अलावा यह भी उदाहरण दिया कि बॉलीवुड में मुसलमान लड़कियों ने काम करना बंद कर दिया। सना खान व जायरा वसीम ने यह कहकर बॉलीवुड छोडा कि उनका अल्लाह उन्हें इजाजत नही देता लेकिन सूत्रों के अनुसार सामने यह आया था कि उन्हें कुछ आतंकी ग्रुप से धमकी मिलती थी कि उन्हें इस्लाम का हवाला देकर बॉलीवुड छोडना है। बहरहाल,वहीं लव-जिहाद व धर्मांतरण को लेकर संतों का यह कहना है कि हमारे लोग बच्चों को धर्म के प्रति जागरूक नही करते। पूजा-पाठ व अपने धार्मिक ग्रंथों की जानकारी नही देते वहीं इसके विपरीत मुस्लिम लोग अपने बच्चों को बचपन से अपने धर्म के प्रति जागरूक करते हैं। उनके यहां दस साल का बच्चा रोजा रखते हैं कोई बचपन से ही उनको कुरान पूरी तरह से पढ़ाई व समझाई जाती है लेकिन हिंदुओं में व्यस्क होने के बाद तक भी उनको हनुमान चालीसा व एक भी चौपाई याद नही होती। जहां हम एक ओर एकता का पाठ पढाते हैं वही जिहादी उनको शुरुआत से नफरत करना सिखाते हैं। इसके अलावा एक शिक्षक ने बताया कि स्कूलों के बाहर बहुत सारे मुसलमान लडके खडे होते हैं और वह केवल हिंदू लडकियों को ही टारगेट करते हैं। वहीं बीते दिनों जिम-जिहाद देशभर में बहुत गूंजा जिस पर कुछ हिंदू संगठनों ने कहा कि जिम में केवल हिंदू लडकियां व महिलाएं ही आती है,एक भी मुस्लिम महिला व लडकी नही आती और जितने भी ट्रैनर हैं वह सभी मुस्लिम है। कुछ मुस्लिम पूंजीपतियों ने अपने जिम खोले जिसमें सभी पुरुष ट्रेनर मुस्लिम थे और लडकियां हिंदू हैं और यदि कोई मुस्लिम लडकी आ भी जाती थी तो उसको जिम में एडमिशन देने से मना कर दिया। दरअसल,हम लोग इस बात की गंभीरता नही समझ पा रहे हैं लेकिन सबकी नजर इस समय हिंदुस्तान पर ही है। भारत को इस्लामिक करने में कई देश व कट्टर इस्लामिक संगठन लगे हुए हैं। एक विदेशी मुस्लिम लेखक में अपने एक लेख में कहा है कि ‘हिंदुस्तान की हुकुमत सोई हुई है और यदि ऐसा ही रहा तो 2040 तक भारत इस्लामिक राष्ट्र बन जाएगा और कट्टरपंथी उसके कुछ वर्ष बाद हिंदुओं का पाकिस्तान में रह रहे जैसे हिंदुओं जैसा हाल करेंगे। उन्होनें कहा कि बटवारें के बाद भारत में 3.54 करोड मुसलमान थे और अब इनकी आबादी लगभग 30 करोड़ हो चुकी वहीं इसके विपरीत पाकिस्तान में जनसंख्या के हिसाब 15 प्रतिशत हिंदु थे और अब केवल एक प्रतिशत भी पूरे नही बचे। इससे कुछ लोगों की नियत का अंदाजा लगाया जा सकता है।‘ लेखक की इस बात को सही ठहराते हुए आंकड़ों के आधार पर यह समझा जा सकता है कि हिंदू निश्चित तौर पर सोए हुए हैं व अपने बच्चों,खासतौर पर लड़कियों वह ज्ञान नही दे पा रहे जिसकी उनको जरुरत है। अपने बच्चियों को कट्टरपंथियों से बचाना होगा अन्यथा हालात अभी और भी बुरे हो सकते हैं। इस मुद्दे की गंभीरता में सभी का योगदान जरूरी है। आजकल सोशल मीडिया के दौर में फेमस होने के लिए नग्नता ने अपने पूरे पैर पसार रखे हैं जिनमें 99 प्रतिशत हिंदुओं लडकियां ही दिखेंगी और जिहादियों पर उनकी नजर रहती है और वह भी यू-ट्यूबर बनकर उनको शिकार बना रहे हैं। बीते दिनों एक आंकड़े के अनुसार जितनी भी हिंदू यू-ट्यूबर लड़कियां थी अधिकतर उनके सभी के बॉयफ्रेंड मुसलमान लड़के हैं।यह भी एक किस्म का जिहाद माना जा सकता है। इसलिए अब समय के साथ जागरूक हो जाना ही बेहतर हैं अन्यथा आने वाला समय चिंताजनक होगा। प्रेम करना अपराध नही लेकिन किसी गलत हाथों पर पड़कर अपनी जिंदगी व अपने घरवालों के सम्मान के साथ खेलने वाली लडकियों अब समझना होगा कि क्या गलत है और क्या सही?
योगेश कुमार सोनी
वरिष्ठ पत्रकार
