भरतकुमार सोलंकी
मुंबई
देखिए, मैं अब साठ की उम्र पार कर चुका हूं। जिंदगी में बहुत काम कर लिया, अब किसी बात की टेंशन लेकर कुछ करना नहीं चाहता। लेकिन जब देखता हूं कि लोग अपनी मेहनत की कमाई से बनाए गए एसेट्स को जरा-सी तात्कालिक जरूरत के चलते बेच देते हैं, तो मन विचलित हो जाता है। क्या वाकई आप सोचते हैं कि म्यूचुअल फंड में वर्षों से किया गया निवेश या पीपीएफ, गोल्ड और प्रॉपर्टी जैसे मजबूत वित्तीय स्तंभ अचानक टूटने के लिए बने थे? क्या आप मानते हैं कि इन्हें बेचकर आप धनवान बनेंगे? फिर एक और बड़ा सवाल- आप अब तक पूरी तरह से फाइनेंशियली प्रâी नहीं हुए हैं, फिर भी अपनी पूंजी क्यों तोड़ रहे हैं?
मुझे यह कहने में कोई हिचक नहीं कि कोई भी व्यक्ति एसेट बेचकर अमीर नहीं बनता, बल्कि वह तो धीरे-धीरे अपने ही भविष्य को खोखला करता चला जाता है। यह बात मैं बार-बार लोगों को समझाता हूं कि म्यूचुअल फंड निवेश हो या गोल्ड या प्रॉपर्टी ये सब जोड़ने के लिए होते हैं, बेचने के लिए नहीं। फिर भी जब लोग इन पर हाथ डालते हैं, तो लगता है जैसे वे दो कदम आगे बढ़ने के बाद चार कदम पीछे लौट रहे हैं।
क्या आप जानते हैं कि जब आप अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने निवेश को खत्म करते हैं तो आप केवल पैसे नहीं निकालते, आप भविष्य की संभावनाएं निकाल फेंकते हैं? परिवार के बच्चों की शिक्षा हो, खुद की रिटायरमेंट प्लानिंग हो या घर बनाने का सपना सब कुछ उस निवेश पर टिका होता है। फिर क्यों एक छोटी-सी जरूरत सामने आने पर आप इतना बड़ा त्याग कर देते हैं?
क्या आपके पास आय बढ़ाने का कोई और उपाय नहीं है? क्या खर्च को नियंत्रित करने की कोई रणनीति नहीं बन सकती? क्यों हर बार एसेट को बेचने का ही विकल्प आपके दिमाग में आता है? क्या आप यह नहीं जानते कि सफल निवेशक वही होता है जो जरूरतों को टाल सकता है, लेकिन अपने निवेश को टूटने नहीं देता?
मेरा काम आपको समझाना है, पैâसला आपका है। पर यदि आपने अभी से एसेट्स तोड़ना शुरू कर दिया, तो न आप धनवान बन पाएंगे और न परिवार को आर्थिक सुरक्षा दे पाएंगे। याद रखिए, धनवान बनने का रास्ता एसेट जोड़ने से बनता है, बेचने से नहीं। तो सवाल यह है कि क्या आप उन लोगों में से एक बनना चाहते हैं, जो दो कदम आगे बढ़ते हैं और फिर चार कदम पीछे हट जाते हैं? या फिर समय रहते सोचेंगे और अपने निवेश को सच में ‘निवेश’ मानकर जोड़ते रहेंगे?
(लेखक आर्थिक निवेश मामलों के विशेषज्ञ हैं)
