सामना संवाददाता / नई मुंबई
इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ ऑटोमेशन (आईएसए) महाराष्ट्र सेक्शन ने अपने प्रतिष्ठित वार्षिक कार्यक्रम ‘पावर पेट्रोलियम प्रोसेस ऑटोमेशन (पीपीपीए) २०२६’ मीट के सातवें संस्करण का सफलतापूर्वक समापन किया। यह दो दिवसीय आयोजन १०-११ अप्रैल २०२६ को वाशी स्थित सिडको एग्जीबिशन हॉल में संपन्न हुआ।
यह दो दिवसीय सम्मेलन और प्रदर्शनी उद्योग जगत के सैकड़ों प्रतिनिधियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुई। इसमें उन्नत ऑटोमेशन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की ओर बदलते औद्योगिक परिदृश्य पर गहन चर्चा की गई। प्रदर्शनी में विभिन्न प्रायोजकों ने अपने नवाचारी उत्पादों और समाधानों का प्रदर्शन किया। इस आयोजन ने उद्योग जगत के दिग्गज विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर पारंपरिक परिचालन और भविष्य के नवाचारों, जैसे एआई-संचालित ऑप्टिमाइजेशन और साइबर सुरक्षा के बीच की खाई को पाटने का काम किया। साथ ही इंस्ट्रूमेंटेशन और ऑटोमेशन क्षेत्र के प्रमुख संगठनों के प्रबंधकों, इंजीनियरों और निर्णय लेने वाले अधिकारियों के बीच उच्चस्तरीय नेटवर्विंâग को बढ़ावा दिया।
शिक्षा और प्रोत्साहन पर जोर
कार्यक्रम के दूसरे दिन मुंबई, नई मुंबई, ठाणे और नासिक के विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों के १५० से अधिक छात्रों के एक जत्थे ने शिरकत की। छात्रों को तकनीकी प्रगति का प्रत्यक्ष अनुभव लेने का अवसर मिला। कार्यक्रम में इस प्रतियोगिता के फाइनलिस्टों के प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए गए।
पुरस्कार वितरण
आईएसए महाराष्ट्र सेक्शन ने विजेताओं को सम्मानित किया और १ लाख रुपए तक के नकद पुरस्कार प्रदान किए।
छात्र छात्रवृत्ति: मेधावी छात्रों को उनके शैक्षणिक करियर और आईएसए स्टूडेंट चैप्टर में नेतृत्व के लिए प्रेरित करने हेतु १.२ लाख रुपए तक के पुरस्कार दिए गए।
नेतृत्व और आयोजन
इस सफल आयोजन का नेतृत्व अध्यक्ष आसिफ मुल्ला, निवर्तमान अध्यक्ष डॉ. उपेंद्र जोशी, सचिव डॉ. दत्तात्रय सावंत और कोषाध्यक्ष निरंजन भिसे ने कार्यकारी समिति के सदस्यों के सहयोग से किया। आईएसए महाराष्ट्र सेक्शन (आईएसएएम) एक अग्रणी गैर-लाभकारी पेशेवर संस्था है, जो ऑटोमेशन समुदाय में तकनीकी सक्षमता बढ़ाने के लिए समर्पित है। डिस्ट्रिक्ट जी के तहत एक सक्रिय सेक्शन के रूप में यह उद्योग के पेशेवरों और शिक्षाविदों को जोड़ता है, जिससे छात्रों और पैâकल्टी को मेंटरिंग, तकनीकी कार्यक्रमों और औद्योगिक दौरों के माध्यम से विकास के अवसर मिलते हैं।
