विगत दिनों रेलवे ने एक आदेश जारी किया था कि रेलवे के आरक्षित डिब्बों में अनारक्षित यात्री यात्रा नहीं कर सकेंगे। यदि जांच में ऐसा कोई यात्री पकड़ा गया तो उसे दंड लेने के साथ ही डिब्बे से उतार दिया जाएगा। रेलवे द्वारा इस आदेश को जारी किए जाने के बावजूद आज उस आदेश की सरेआम धज्जियां उड़ रही हैं और आरक्षित डिब्बों में अनारक्षित यात्रियों द्वारा यात्रा करने से आरक्षित डिब्बे में यात्रा करनेवाले यात्री दुखद यात्रा करने को मजबूर हैं। अनारक्षित यात्रियों से रेलवे टीसी केवल दंड वसूलकर अपना कोटा पूरा कर रहे हैं। कुछ ऐसा ही नजारा ‘गोदान एक्सप्रेस’ के आरक्षित डिब्बे में देखने को मिला, जहां यात्री भीड़ के कारण शौचालय तक नहीं पहुंच पा रहे थे। अत: रेलवे को चाहिए कि वो सामान्य यात्रियों को लूटने के बजाय सामान्य डिब्बे बढ़ाए, ताकि आरक्षित डिब्बों के यात्रियों की यात्रा सुखद हो।
– राहुल पांडेय, कल्याण
