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भूमिपुत्रों के हाथ में ही रहे महाराष्ट्र की राजनीति!..इसके लिए सब एक साथ आएं…संजय राऊत की अपील

सामना संवाददाता / मुंबई

शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे एक साथ आए, इससे पूरे महाराष्ट्र को खुशी हुई। लेकिन केवल उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के एक साथ आने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उनके साथ भूमिपुत्रों के लिए काम करने वाले सभी दलों और संगठनों को भी एकजुट होना पड़ेगा। तभी महाराष्ट्र पर मराठी व्यक्ति का हक रहेगा और महाराष्ट्र की राजनीति मराठी के हाथ में बनी रहेगी। इस तरह का स्पष्ट मत शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत ने व्यक्त किया।
शिवसेना और शेतकरी कामगार पक्ष (शेकाप) के संबंधों पर बोलते हुए संजय राऊत ने कहा कि महाराष्ट्र, भूमिपुत्रों और किसानों के मुद्दों पर कठोर संघर्ष करनेवाली शिवसेना और शेकाप ने कभी भी बिना संघर्ष कुछ हासिल नहीं किया। उन्होंने कहा कि केशवराव धोंडगे, दत्ता पाटील, प्रभाकर पाटील, उद्धवराव पाटील जैसे शेकाप नेताओं ने एक समय महाराष्ट्र का नेतृत्व किया है। यशवंत मोहिते के रूप में महाराष्ट्र को एक बेहतरीन वित्त मंत्री भी शेकाप ने दिया था, इसकी याद भी उन्होंने दिलाई।

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