सामना संवाददाता / मुंबई
राजनीतिक नेताओं के लिए अक्सर विरोध और प्रदर्शन देखने को मिलते हैं, लेकिन अधिकारियों के समर्थन में विरोध-प्रदर्शन करने की घटना कभी कभार देखने को मिलती है।
बताया जाता है कि उपमुख्यमंत्री अजीत पवार से विवाद के बाद में सुर्खियों में आई आईपीएस अधिकारी अंजना कृष्णा के समर्थन में लोगों ने सड़क पर उतरकर अजीत पवार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। इससे पहले बीड के जिला कलेक्टर सुनील केंद्रेकर के लिए भी लोग सड़कों पर उतरे थे। अब अंजना कृष्णा को भी इसी तरह का समर्थन और प्रचार मिल रहा है।
बता दें कि उपमुख्यमंत्री अजीत पवार द्वारा अंजना कृष्णा को डांटने का वीडियो वायरल होने के बाद, अब करमाला में ‘जनशक्ति शेतकरी संगठन’ के कार्यकर्ता कृष्णा के समर्थन में उतर आए हैं।
गौरतलब हो कि अजीत पवार से विवाद के बाद सुर्खियों में आर्इं अंजना कृष्णा के लिए जनशक्ति शेतकरी संगठन ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने उनकी तस्वीर पर दूध से अभिषेक भी किया। जनशक्ति शेतकरी संगठन के अध्यक्ष अतुल खुपसे पाटील ने कहा कि यह प्रदर्शन अंजना कृष्णा का मनोबल बढ़ाने के लिए किया गया था। अंजना कृष्णा के समर्थन में करमाला की आराध्य देवी कमला भवानी की भी पूजा-अर्चना की गई। किसानों ने अजीत पवार के खिलाफ नारे लगाए और चेतावनी दी कि महाराष्ट्र अपनी प्यारी बहन का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। किसानों ने ‘अजीत पवार माफी मांगो’ जैसे नारे लगाए और अंजना कृष्णा की तस्वीर पर दूध से अभिषेक किया। यह शिवाजी का महाराष्ट्र है और यहां महिलाओं का सम्मान किया जाता है, इस आशय के बैनर लगाए गए थे।
