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मंत्री ने की फडणवीस के नाम पर करोड़ों रुपए की विज्ञापनबाजी!..रोहित पवार का सनसनीखेज दावा

सामना संवाददाता / मुंबई

मराठा समाज के लिए आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे पाटील के नेतृत्व में मुंबई में हुए आंदोलन के कारण आंदोलनकारियों की मांग सरकार ने मान्य कर ली। इस संदर्भ में जीआर (शासन निर्णय) भी राज्य सरकार की ओर से जारी कर दिए। इसके बाद से भाजपा मंत्रियों द्वारा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस प्रशंसा की बारिश की जा रही है। दूसरी तरफ सरकार का दावा है कि ओबीसी के आरक्षण पर किसी प्रकार का धक्का नहीं लगेगा। इन सबके बीच राज्य के सभी मुख्य पत्रों में विज्ञान देकर और बैनर लगाकर देवाभाऊ कैंपेन शुरू है। यह कैंपेन किसने शुरू किया है। कैंपेन पर होने वाले करोड़ों रुपए खर्च कौन दिया है, इसकी जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। इन विज्ञापनों में विज्ञापन देने वाले का नाम तक नहीं है। अखबारों में आए इन विज्ञापनों को लेकर राकांपा (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने अलग ही संदेह व्यक्त किया है। उन्होंने दावा किया है कि यह विज्ञापन सरकार में शामिल एक मंत्री ने दिया है। इसके साथ उन्होंने यह भी दावा है कि यह मंत्री भाजपा का नहीं, बल्कि उनकी सहयोगी पार्टी का है। रोहित पवार ने इस संदर्भ में माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया है।
रोहित पवार ने कहा कि राज्य में हर दिन आठ किसान आत्महत्या कर रहे हैं और पूरे महाराष्ट्र में भारी बारिश हो रही है, ऐसे में अखबारों के पहले पन्ने और कई हवाई अड्डों पर मुख्यमंत्री के बड़े-बड़े विज्ञापन देने के लिए करोड़ों रुपए खर्च करने के सरकार के रवैये पर भारी चिढ़ आई, परंतु देवेंद्र फडणवीस जैसे बड़े नेता ऐसी गलती नहीं करेंगे। करोड़ों रुपए के इन विज्ञापनों के बारे में जब हमने और जानकारी हासिल की तो पता चला कि ये विज्ञापन सरकार के एक मंत्री ने देवेंद्र फडणवीस को बिना बताए दिए थे। इसके साथ यह भी पता चला है कि ये मंत्री भाजपा के नहीं, बल्कि एक सहयोगी दल के हैं। सहयोगी दल के मंत्री ने फडणवीस के नाम पर गुमनाम विज्ञापन क्यों दिए? ऐसा सवाल उपस्थित होता है।

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