मुख्यपृष्ठग्लैमरमुंबई आपको थकाती है पर सीने से लगाती है: सोमी अली

मुंबई आपको थकाती है पर सीने से लगाती है: सोमी अली

हिमांशु राज

टाइम आउट सिटी लाइफ इंडेक्स 2025 में मुंबई एशिया का सबसे खुशहाल शहर बनी है। यह शहर की तेज रफ्तार और चुनौतियों के बीच आश्चर्यजनक लग सकता है, लेकिन पूर्व बॉलीवुड अभिनेत्री और एनजीओ ‘नो मोर टियर्स’ की संस्थापक सोमी अली का मानना है कि यहां की खुशी केवल बुनियादी ढांचे से नहीं, बल्कि लोगों के लचीलेपन, जोश और उनकी कहानियों में बसती है।

उन्होंने कहा, “मुंबई में खुशी परफेक्ट इंफ्रास्ट्रक्चर या धीमी जिंदगी में नहीं, बल्कि लोगों की अद्भुत सहनशक्ति में है। यह शहर आपको थकाने के बाद भी सीने से लगाता है। यहां का अपनापन, सपनों का पीछा करने की ऊर्जा और मुश्किलों में एकजुटता ही सच्ची खुशी है।”

उन्होंने मुंबई को उम्मीदों का शहर बताते हुए कहा कि यहां हर किसी को अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिलता है। सोमी ने बताया कि उनके पिता का जन्म भी इसी शहर में हुआ था। सात साल की उम्र में जब वह पहली बार यहां आईं, तब उन्होंने अपने आदर्श राजेश खन्ना से मुलाकात की। मियामी से आई एक लड़की ने यहां बॉलीवुड के दिग्गजों के साथ मंच साझा किया और बाद में अपना एनजीओ बनाकर हजारों जिंदगियों में बदलाव लाया।

सोमी के अनुसार, मुंबई एक सांस्कृतिक संगम है, जहां गुजराती जड़ें, मराठी प्रभाव, ईरान से आए पारसी और सदियों पुराने यहूदी समुदायों की झलक मिलती है। वित्त, उद्योग और बॉलीवुड की चमक इस शहर को जीवंत बनाती है। उन्होंने कहा, “यह शहर सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि पहचान और परिवार देता है। यह आपको टूटे सपनों और बड़ी महत्वाकांक्षाओं के साथ भी स्वीकार करता है।”

उन्होंने कहा कि यहां के लोग छोटी-छोटी खुशियों में भी आनंद ढूंढ लेते हैं। चाय और पाव जैसी साधारण चीजों में भी उन्हें सुकून मिलता है। मेट्रो, महिला सुरक्षा और स्वच्छता के क्षेत्र में हुए सुधारों ने शहर की तस्वीर बदली है, जबकि महामारी ने लोगों को रिश्तों और सादगी का महत्व सिखाया।

हालांकि, उन्होंने माना कि शहर में ऊंचे किराए, ट्रैफिक और मानसून जैसी चुनौतियां मौजूद हैं, लेकिन सही नजरिया और धैर्य के साथ मुंबई अपना जादू बिखेरती रहती है। उन्होंने अंत में कहा, “इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार जरूरी है, लेकिन इस शहर की आत्मा को बनाए रखना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है।”

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