मनपा की तैयारी पर उठे सवाल
सामना संवाददाता / मुंबई
दुनिया के कई हिस्सों में तेजी से फैल रहे खतरनाक इबोला वायरस ने अब मुंबई की चिंता भी बढ़ा दी है। लेकिन इस संभावित स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका की तैयारियां बेहद सीमित नजर आ रही हैं। मनपा ने कस्तूरबा अस्पताल में महज १० बिस्तरों का आइसोलेशन वार्ड तैयार कर अपनी तैयारी पूरी मान ली है, जिस पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और नागरिकों का कहना है कि करोड़ों की आबादी वाले मुंबई जैसे महानगर के लिए सिर्फ १० बेड की व्यवस्था नाकाफी है। रोजाना लाखों लोग लोकल ट्रेनों, बसों और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के जरिए शहर में आवाजाही करते हैं। ऐसे में यदि संक्रमण का एक भी मामला नियंत्रण से बाहर हुआ, तो स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा अप्रâीका के कुछ हिस्सों में पैâले इबोला प्रकोप को अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किए जाने के बाद मनपा ने अपने अस्पतालों के डॉक्टरों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें बताया गया है कि इबोला संक्रमित व्यक्ति के रक्त, शारीरिक तरल पदार्थ या दूषित वस्तुओं के सीधे संपर्क से पैâलता है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह वायरस कोविड-१९ की तरह हवा से तेजी से नहीं पैâलता।
