मुख्यपृष्ठनए समाचारकारगिल के शहीदो को मुंबई का सलाम!

कारगिल के शहीदो को मुंबई का सलाम!

-शहीद परिवारों का भव्य सम्मान…600 सैनिकों की गरिमामयी उपस्थिति

सामना संवाददाता / मुंबई

कारगिल विजय दिवस के अवसर पर सैनिक फेडरेशन मुंबई की ओर से शनिवार को शौर्य, बलिदान और राष्ट्रभक्ति का भव्य उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से आए लगभग 200 पूर्व सैनिकों सहित 600 से अधिक सैनिक, वीर नारियां, शहीदों के परिजन और उनके बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में देशभक्ति का जोश और शहीदों के प्रति कृतज्ञता का भाव स्पष्ट दिखाई दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) स्थित शहीद स्मारक पर कारगिल युद्ध के अमर वीरों को पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित सैनिकों और नागरिकों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी तथा उनके अद्वितीय बलिदान को नमन किया।
इसके बाद दादर स्थित शिवाजी मंदिर के छत्रपति शाहू महाराज सभागार में मुख्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर वीर नारियों, शहीदों के परिजनों और उनके बच्चों का शॉल, स्मृति-चिह्न एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया गया। सभागार में उपस्थित सैनिकों ने कारगिल के वीरों के सम्मान में भारत माता के जयघोष से वातावरण को राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कर दिया।
इस अवसर पर सैनिक फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि कारगिल के अमर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान के कारण ही आज देश का प्रत्येक नागरिक सुरक्षित जीवन जी रहा है। शहीद परिवारों के सम्मान और उनके साथ हर परिस्थिति में खड़े रहना केवल सरकार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम का नेतृत्व ब्रिगेडियर सुधीर सावंत ने किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष सुभाष दरेकर, जनरल सेक्रेटरी धोंडूराम निंबाळकर एवं महामुंकर, कोर कमेटी सदस्य एवं मुंबई अध्यक्ष फ्लेचर पटेल, सहसचिव सरदार चोपडे और शिवाजी चव्हाण, तथा संगठन मंत्री धोंडू राहुल और संजय दळवी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
सैनिक फेडरेशन मुंबई ने इस सफल आयोजन में सहयोग देने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी), बेस्ट, एन.सी. सिद्धार्थ कॉलेज, महाराष्ट्र पुलिस तथा सभी मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह जानकारी मुंबई सैनिक फेडरेशन के अध्यक्ष प्लेजर पटेल ने दिया है
कारगिल विजय दिवस का यह आयोजन केवल एक स्मरण समारोह नहीं, बल्कि राष्ट्र के उन अमर वीरों के प्रति सामूहिक कृतज्ञता का सशक्त संदेश बना, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

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