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मुंबईकरों पर आग की आफत!..पिछले ३ वर्षों में हुईं ३,००० घटनाएं…६५ की मौत, ४७३ घायल

सामना संवाददाता / मुंबई

मुंबई में आग लगने की घटनाओं में कमी आने की बजाय लगातार वृद्धि देखी जा रही है। मुंबई में पिछले तीन वर्षों में आग लगने की १३,००० घटनाएं हुर्इं, जिनमें ६५ लोगों की मौत और ४७३ लोग घायल हुए हैं।
आग लगने के मुख्य कारणों में पुरानी इमारतों में शॉर्टसर्किट और खराब वायरिंग जैसे कारणों का समावेश होता है। पिछले कई दिनों से आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो थमने का नाम नहीं ले रही हैं। आग लगने की घटनाओं में सबसे ज्यादा मामले शॉर्टसर्किट के कारण ही होते हैं और मुंबई में एक बार फिर आग लगने की घटना सामने आई है। मुंबई के दहिसर स्थित शांतिनगर, एसवी रोड स्थित २४ मंजिला नई जनकल्याण सोसायटी में शनिवार दोपहर ३.०५ बजे भीषण आग लग गई। आग इमारत की सातवीं मंजिल पर लगी, मौके पर सात फायर इंजन समेत कई दमकल वाहनों को तैनात किया गया। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।
उद्योग चाहे कोई भी क्यों न हो, आग लगने की समस्याएं लगातार गंभीर होती जा रही हैं। आग लगने की संभावनाएं ज्यादातर मामलों में खराब और क्षतिग्रस्त तारों से चिंगारी निकलने की वजह से होती है, जिससे आस-पास मौजूद ज्वलनशील चीजें आग पकड़ लेती हैं। ओवरलोडेड सर्किट और खराब विद्युत उपकरण भी चिंगारी पैदा कर सकते हैं, जिनसे आग लग सकती है।
आग से कैसे बचें
सभी विद्युत प्रणालियों का नियमित रूप से निरीक्षण करें, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे ठीक से काम कर रही हैं या नहीं। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त तारों, आउटलेट और स्विच की जांच करें और सर्किट पर हमेशा ओवरलोडिंग से बचें। अगर आप उच्च-वोल्टेज वाले विद्युत उपकरण चला रहे हैं, तो सर्ज प्रोटेक्टर का इस्तेमाल करें। कर्मचारियों को विद्युत समस्याओं के संकेतों को पहचानने का प्रशिक्षण दें। सुनिश्चित करें कि क्लास सी अग्निशामक यंत्र विद्युत पैनलों और विद्युत उपकरणों के पास आसानी से सुलभ स्थानों पर हो।

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