मुख्यपृष्ठस्तंभमुस्लिम वर्ल्ड : नौजवान लीडर से डरते हैं अमेरिका और यूरोप!

मुस्लिम वर्ल्ड : नौजवान लीडर से डरते हैं अमेरिका और यूरोप!

सूफी खान

३७ साल पहले यानी १९८८ में अफ्रीका की सरजमीं पर पैदा होने वाला एक मुस्लिम लीडर आज अमेरिका और यूरोप के लिए एक बड़ा चैलेंज बन चुका है। कहा जा रहा है कि कम उम्र का ये नौजवान लीडर अफ्रीका के लोगों के लिए उम्मीद की एक किरण बन चुका है।
बुर्किना फासो पश्चिमी अफ्रीका का एक मुस्लिम अक्सरियत वाला मुल्क है, उसके बाद क्रिश्चयन और दूसरे अल्पसंख्यक आते हैं। लेकिन साल २०२२ में अप्रâीकी देश बुर्किना फासो में आर्मी का रूल आता है और इब्राहिम तरोरे सत्ता अपने हाथ में ले लेते हैं। इब्राहिम दुनिया के सबसे युवा सर्विंग हेड ऑफ स्टेट में से एक हैं। उन्होने २००९ में मिलिट्री ज्वाइन की थी। आरोप लगता है कि यूरोप ने अफ्रीका को अच्छा खासा लूटा है और आज तक लूट रहा है। यूरोप यहां का सोना, खनिज, कुदरती गैस सब कुछ लेकर जाता है।
इसी तरह फ्रांस बुर्किना फासो से सोना निकालकर अपने मुल्क में ले जाता है, लेकिन बुर्किना फासो का खजाना खाली है। ऐसे में युवा प्रेसिडेंट इब्राहिम तरोरे आगे आए हैं। इब्राहिम तरोरे ने सत्ता पर काबिज होते ही सबसे पहले फ्रांस की आर्मी को अपने देश से बाहर निकाल दिया। उसके बाद गाजा के मसले में इजरायल और उसके दोस्तों का खुल कर विरोध किया।
नौजवान नेता तरोरे ये बात अच्छी तरह से जानते थे कि फ्रांस के जाने के बाद अब उन्हे अमेरिका और ब्रिटेन से निपटना है, लेकिन इन ताकतों से भिड़ना आसान नहीं ह। इसलिए वो रूस के करीब चले गए। रूसी प्रेसीडेंट पुतिन इब्राहिम तरोरे से बहुत इंप्रेस हुए। रुस ने उन्हे कई हथियार दिए। आज रूस बुर्किना फासो का एक मजबूत रणनितिक पार्टनर बन चुका है।
इब्राहिम तरोरे के भाषण सोशल मीडिया पर काफी वायरल होते हैं। वो कहते हैं, `मैं तुमसे पूछता हूं, कभी अफ्रीका की कामयाबियों को अपनी हेडलाइन बनाया? कितनी बार तुमने रवांडा की टेक्नोलॉजी के बारे में लिखा? कितनी बार तुमने इथियोपिया के रिनोवेशन प्रोजेक्ट को दिखाया? कितनी बार तुमने बोत्सवाना की लोकतांत्रिक सफलता की तारीफ की? कितनी बार तुमने केन्या की एंटरप्रेन्योरशिप की कहानी सुनाई? नहीं, क्योंकि ये सब तुम्हारी स्क्रिप्ट में फिट नहीं बैठता। तुम्हारे अफ्रीका की कहानी में अफ्रीका कामयाब नहीं हो सकता।’ इब्राहिम तरोरे का दावा है कि वो बुर्किना फासो को राजनीतिक और सुरक्षा मोर्चे पर सुधार की राह पर ले जा रहे हैं।
फ्रांस को खदेड़ा
पश्चिम अफ्रीका के देश बुर्किना फासो के साथ दिक्कत ये थी कि यहां आईएसआईएस और अलकायदा जैसे आतंकी संगठनों का बोलबाला था, जिनकी वजह से कई लोगों की जान जा चुकी थी। जब इब्राहिम तरोरे को लगा कि उनका देश बुरे दौर से गुजर रहा है तो सामने आए और भरोसा दिलाया कि देश को दहशतगर्दी से आजाद कराएंगे और विदेशियों को यहां से उखाड़ फेंकेंगे। इब्राहिम तरोरे ने सबसे पहले प्रâांस को खदेड़ा।

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