मुख्यपृष्ठस्तंभमुस्लिम वर्ल्ड: तनाव के बीच कतर ने झोंकी पूरी ताकत!..ईरान-अमेरिका समझौता क्यों...

मुस्लिम वर्ल्ड: तनाव के बीच कतर ने झोंकी पूरी ताकत!..ईरान-अमेरिका समझौता क्यों जरूरी?

सूफी खान

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और दोबारा भीषण युद्ध की आहट सिर्फ सैनिकों या हथियारों के जखीरे तक सीमित नहीं बल्कि इसका असर दुनिया के अमीर देशों पर भी पड़ने लगा है। कई मजबूत देशों की अर्थव्यवस्था भी हिल गई है। गैस कारोबार के दम पर दौलत और लग्जरी लाइफ स्टाइल का साम्राज्य खड़ा करने वाला कतर इस वक्त भारी दबाव में है। वैसे भी कतर मिडिल ईस्ट में एक अच्छा मध्यस्थ माना जाता है, ऐसे में कतर की ख्वाहिश है कि ईरान जल्द से जल्द अमेरिका के साथ समझौता कर ले, ताकि क्षेत्र में तनाव कम हो और बंद पड़ा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दोबारा खुल सके।
दरअसल, फरवरी से होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के बाद कतर की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है। कतर की ज्यादातर कमाई एलएनजी यानी लिक्विफाइड नेचुरल गैस से होती है। यही गैस एशिया और यूरोप के कई देशों तक समुद्री रास्ते से पहुंचाई जाती थी। लेकिन होर्मुज स्ट्रेट बंद होते ही कतर का गैस कारोबार लगभग ठप पड़ गया। कतर के पास बड़ा पाइपलाइन नेटवर्क भी नही है कि अपने ग्राहकों को सीधे गैस की सप्लाई की जा सके।
होर्मुज बंद होने से न सिर्फ गैस निर्यात रुका है, बल्कि खाने-पीने का सामान, गाड़ियां और दूसरी जरूरी चीजों की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। कतर अपनी जरूरत का करीब ९० प्रतिशत खाना विदेशों से मंगाता है। पहले यूरोप से सब्जियां और अमेरिका से अनाज समुद्री रास्ते से पहुंचता था, लेकिन अब इन्हें महंगे हवाई रास्तों या सऊदी अरब के जरिए ट्रकों से लाना पड़ रहा है। इससे कीमतें और लागत दोनों बढ़ गई हैं। हालांकि, पिछले दिनों कतर ने ईरान को उसका पुराना पैसा अदा करके उसके साथ डील कर ली थी कि कतर के जहाजों को ईरान निकलने देगा। लेकिन जब से अमेरिका ने ब्लॉकेड लगाया है तब से होर्मुज पर हालात बेहद तनावपूर्ण बन गए हैं और दोनों ही पक्ष इसे अपनी-अपनी नाक का सवाल बना रहे हैं। ऐसे में कतर जैसे अमीर मुल्क भी बेबस नजर आते हैं। सबसे बड़ा झटका कतर के प्रमुख गैस प्रोडक्शन सेंटर रास लाफान को लगा है। यहां सड़कें बंद हैं और उत्पादन लगभग ठप पड़ा है। हालात तब और बिगड़ गए जब ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले में प्लांट के कई अहम उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए। इससे कतर की गैस उत्पादन क्षमता करीब १७ प्रतिशत तक घट गई। युद्ध का असर पर्यटन और विदेशी निवेश पर भी साफ दिखाई दे रहा है। अमेरिका समेत कई देशों ने यात्रा चेतावनी जारी कर दी है, जिसके बाद विदेशी पर्यटक और निवेशक कतर से दूरी बनाने लगे हैं।
अगर होर्मुज स्ट्रेट लंबे समय तक बंद रहा और मिडिल ईस्ट में तनाव कम नहीं हुआ, तो कतर की चमकती अर्थव्यवस्था पर संकट और गहरा सकता है। यही वजह है कि कतर जी जान से कोशिश कर रहा है कि हालात काबू में आ जाएं। हालांकि, ईरान अमेरिका के बीच मध्यस्थता इस बार पाकिस्तान कर रहा है, लेकिन कतर भी अंदर खाने प्रयास में लगा हुआ है कि किसी भी तरह ईरान-अमेरिका में समझौता हो जाए।

अन्य समाचार

हूक