सूफी खान
दुनियाभर में खुफिया ऑपरेशंस का जिक्र होता है, तो अक्सर इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद का नाम पहले पहल शुमार किया जाता है। मोसाद को अब तक लगभग अजेय माना जाता रहा है, लेकिन ताजा घटनाक्रम में ईरान ने मोसाद की दीवार में बड़ी सेंध लगाने का दावा किया है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड
कॉर्प्स उन्हें वहां पासदाराने इंकलाब के नाम से भी जाना जाता है,साथ ही ईरान के इंटेलिजेंस मंत्रालय (एमओआईएस) ने कहा है कि उन्होंने इजरायल के अंदर घुसकर उसकी संवेदनशील परमाणु और रक्षा सुविधाओं की विस्तृत जानकारी हासिल कर ली है। इसके बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के चीफ मेजर जनरल हुसैन सलामी कहते हैं कि अब हम सटीक हमले कर सकते हैं। ईरान के इस एलान के बाद विश्व में अपने सटीक ऑपरेशन के लिए माने जाने वाले मोसाद की किरकिरी होने लगी है। ईरान के रक्षा मंत्री ने इसे मोसाद का घमंड तोड़ने वाला ऑपरेशन करार दिया और कहा कि हमने वो जानकारी हासिल की है, जिसे निकालना किसी के लिए आसान नहीं होता। आरोप लगता है कि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद पहले कई बार ईरानी वैज्ञानिकों को निशाना बना चुकी है। खासकर परमाणु कार्यक्रम से जुड़े वैज्ञानिकों की हत्या और साइबर हमलों में मोसाद का नाम ईरान में गश्त करता रहता है। अब ईरान का यह ऑपरेशन उसी की भाषा में जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।
ईरान की तरफ से पिछले दिनों ये कहा गया कि उसे इजरायल की न्यूक्लियर पैâसिलिटी की लोकेशन व संरचना, आयरन डोम और एयर डिफेंस सिस्टम की स्थिति और प्रमुख सरकारी अधिकारियों के ठिकानों की जानकारी मिल गई है। हाल के महीनों में ये दूसरा मामला है जब ईरान पर इजरायल में किशोरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए जासूसी के लिए भर्ती करने का आरोप लगा है। ईरान का यह खुफिया ऑपरेशन ऐसे समय में सामने आया है जब इजराइल खुले तौर पर ईरानी न्यूक्लियर ठिकानों पर हमले की धमकी दे रहा है। यह ऑपरेशन और सार्वजनिक बयानबाजी एक साफ संकेत है कि ईरान अब सिर्फ रक्षा नहीं, प्रतिक्रमण की दिशा में बढ़ रहा है।
धमकी पर धमकी
कुछ मीडिया रिपोर्ट में तो ये भी कहा गया है कि ईरान ने ताजा धमकी में इजराइल के परमाणु ठिकानों को तबाह करने का एलान किया है। ताज्जुब की बात ये है कि कुछ दिनों पहले तक इजरायल इसी तरह ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों के नाम गिनाता था और उन पर अटैक करने की धमकी देता था। लेकिन ऐसा लग रहा है कि अब पासा पलट चुका है और इजरायल के शहर अब ईरान की जद में हैं। ये शहर तेल अवीव और यरूशलेम से अलग हैं। कहा जा रहा है कि ईरान ने इजरायल के उस शहरों को टार्गेट पर रखा है, जहां उसकी न्यूक्लियर पैâसिलिटी हैं।
