-जुलाई में रिकॉर्ड ५० हजार गिरफ्तारियां; भारतीय छात्रों,
-कर्मचारियों और परिवारों को दस्तावेज दुरुस्त रखने की चेतावनी
वॉशिंगटन। अमेरिका की आव्रजन प्रवर्तन एजेंसी ‘आइस’ ने बड़े और सार्वजनिक छापों की जगह तेज, लक्षित और कम दिखाई देने वाली गिरफ्तारियों की रणनीति अपनाई है। गिरफ्तारियां अब पेट्रोल पंपों, दुकानों, हवाई अड्डों, कार्यस्थलों और यातायात जांच जैसे रोजमर्रा के स्थानों पर की जा रही हैं।
जुलाई २०२६ में आइस ने करीब ५० हजार लोगों को गिरफ्तार किया, जो उस समय रिकॉर्ड मासिक संख्या थी। एजेंसी स्थानीय पुलिस के साथ धारा २८७ (जी) समझौतों और सरकारी डाटाबेस के जरिए प्रवासियों की पहचान कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, बड़ी संख्या में गिरफ्तार व्यक्तियों पर कोई पिछला आपराधिक दोष सिद्ध नहीं था। यह बदलाव अमेरिका में रह रहे भारतीय छात्रों, एच-१बी कर्मचारियों, आश्रितों और ग्रीन कार्ड आवेदकों के लिए महत्वपूर्ण है। वैध वीजा होने मात्र से हर जोखिम समाप्त नहीं होता। पढ़ाई छोड़ना, अधिकृत सीमा से बाहर काम करना, नौकरी या कार्यस्थल में बदलाव की सूचना न देना, वीजा अवधि से अधिक रुकना अथवा आव्रजन आवेदन में गलत जानकारी देना कार्रवाई का आधार बन सकता है।
हालांकि, वैध दर्जे वाले भारतीयों को केवल प्रवासी होने के कारण अवैध नहीं माना जा सकता। गिरफ्तारी की स्थिति में व्यक्ति को वकील लेने, चुप रहने और दस्तावेज समझे बिना हस्ताक्षर नहीं करने का अधिकार है। व्यक्तिगत मामले में अमेरिकी आव्रजन वकील की सलाह जरूरी है।
भारतीय प्रवासी अभी क्या जांचें?
पासपोर्ट, वीजा, आई-९४ और स्वीकृति नोटिस की वैधता
एफ-१ छात्रों का एसईवीआईएस रिकॉर्ड और कार्य अनुमति
एच-१बी कर्मचारी का नियोक्ता, पद और कार्यस्थल अनुमोदन से मेल खाते हैं या नहीं
पता बदलने पर निर्धारित अवधि में यूएससीआईएस को सूचना
सभी दस्तावेजों की डिजिटल प्रति और वकील का संपर्क परिवार के पास
आइस के सामने झूठी जानकारी अथवा नकली दस्तावेज न दें
समझे बिना स्वैच्छिक प्रस्थान या किसी अधिकार-त्याग पत्र पर हस्ताक्षर न करें
घर में प्रवेश के लिए वारंट न्यायाधीश द्वारा हस्ताक्षरित है या केवल प्रशासनिक-पहले जांचें
