मुख्यपृष्ठनए समाचारहिंदी-मराठी सिनेमा की बुलंद आवाज खामोश!

हिंदी-मराठी सिनेमा की बुलंद आवाज खामोश!

-अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह ७५ वर्ष की उम्र में गोवा स्थित आवास पर निधन हो गया। पुणे में उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया
सामना संवाददाता / मुंबई
हिंदी और मराठी सिनेमा के दमदार अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत में शोक की लहर है। वे गोवा स्थित अपने आवास पर बेहोश पाए गए थे। उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। परिवार और अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, उनकी मृत्यु हृदयाघात से हुई। नाना पाटेकर का जन्म विश्वनाथ पाटेकर के रूप में महाराष्ट्र में हुआ था।
उन्होंने मराठी रंगमंच से अभिनय की शुरुआत की और अपनी विशिष्ट आवाज, तीखे संवाद तथा प्रभावशाली अभिनय से हिंदी और मराठी फिल्मों में अलग पहचान बनाई। `सलाम बॉम्बे’, `परिंदा’ और `क्रांतिवीर’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को व्यापक सराहना मिली। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिले। रंगमंच और सिनेमा में उनके योगदान के सम्मान में पुणे में उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया।

 

अन्य समाचार