-नए खनन कानून, एसआईआर में कथित गड़बड़ियों, पाठ्यपुस्तकों की त्रुटियों और बाढ़ राहत की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन का राज्यव्यापी बंद
सामना संवाददाता / भुवनेश्वर
ओडिशा में गुरुवार को विपक्षी दलों के १२ घंटे के बंद से जनजीवन प्रभावित रहा। सुबह छह से शाम छह बजे तक चले आंदोलन के दौरान भुवनेश्वर, कटक, संबलपुर, बालासोर और कई अन्य जिलों में सड़कें जाम रहीं। बसें, टैक्सियां और ऑटो रुके; बाजार और कई शैक्षणिक संस्थान बंद रहे। अस्पताल, एंबुलेंस, दमकल, दवा दुकानों और दूध आपूर्ति को बंद से बाहर रखने की बात कही गई।
इंडिया गठबंधन के दलों ने खनिज और खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, २०२६ वापस लेने की मांग की। विपक्ष का आरोप है कि नया कानून खनिज संसाधनों पर ओडिशा के हितों को प्रभावित कर सकता है। प्रदर्शनकारियों ने एसआईआर में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और स्कूल की किताबों में बताई गई त्रुटियों के मामले में राज्य के शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग भी उठाई। बाढ़ प्रभावितों के लिए राहत और मुआवजे की मांग भी बंद के मुद्दों में शामिल थी। बीजद ने बंद से दूरी रखी। फिर भी खनन नीति से लेकर मतदाता सूची और शिक्षा तक कई मुद्दों पर विपक्ष का एकजुट होना भाजपा सरकार के सामने राजनीतिक चुनौती बढ़ाता है।
