अमिताभ श्रीवास्तव
यह एक जिजीविषा है। संघर्ष है और इसके बाद बनी सफलता की वो सीढ़ी है, जिसे देखकर वो लोग शर्म से अपना सिर झुका लेंगे, जिन्होंने उस छोटी-सी लड़की के शॉर्ट्स पहनने पर कभी मजाक उड़ाया था। जी हां, १८ वर्षीय खुशबू सरोज जब ६ अगस्त को एएफसी अंडर-२० महिला एशियाई कप क्वालीफायर में इंडोनेशिया का सामना करने के लिए यांगून के थुवुन्ना स्टेडियम में मैदान पर उतरेंगी, तो उनके हाथ में सिर्फ भारतीय तिरंगे वाली जर्सी ही नहीं होगी बल्कि वह एक ऐसा सपना लेकर आएंगी, जो कभी असंभव लगता था। एक साधारण माली की बेटी खुशबू को इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट के लिए भारत की २३ सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है। खुशबू के लिए, यह सिर्फ एक फ़ुटबॉल मैच नहीं है, यह वर्षों के संदेह, सामाजिक प्रतिरोध और कठिनाइयों के विरुद्ध एक शांत विजय का क्षण है। खुशबू याद करती हैं, `मेरे पिता लोगों के घरों में माली का काम करते हैं। उनके दोस्त मुझे शॉर्ट्स पहनकर घर से बाहर फुटबॉल खेलने जाने देने पर उनका मजाक उड़ाते थे। वह अक्सर मुझसे कहते थे, `इन सब चीजों में कुछ भी नहीं रखा। लेकिन मेरी मां और बहनों ने कभी मेरा साथ नहीं छोड़ा। वे मेरी ताकत थीं।’ खुशबू की यात्रा अमदाबाद की संकरी गलियों से शुरू हुई, जहां उन्होंने अपने स्कूल में सीनियर्स को खेलते देखकर पहली बार गेंद को किक किया था। पिता नहीं चाहते थे कि खुशबू फुटबाल खेले मगर मां का साथ था।
सेक्सी टॉय किसने फेंका?
बीच मैच में यह एक अजीब मामला है। खासकर महिलाओं के मैच में इस तरह की घटना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि विक्षिप्त मानसिकता की ओर भी इशारा करती है। दरअसल, डब्ल्यू एनबी ए गेम के कोर्ट पर किसी दर्शक ने एक सेक्सी टॉय फेंका, ऐसा इसके पहले भी हो चुका है। यानी ऐसी हरकत अब एक चिंताजनक चलन बनती जा रही है। हफ्ते में दूसरी बार, गोल्डन स्टेट वाल्किरीज के मैच के दौरान कोर्ट पर एक लाइम ग्रीन रंग का सेक्स टॉय फेंका गया, जिससे खिलाड़ी और प्रशंसक दंग रह गए। इंडियाना फीवर स्टार सोफी कनिंघम बुरी तरह गुस्सा हो गई और शिकागो में हुई इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर उन्होंने अपनी चिंता व्यक्त की। शिकागो स्काई और वाल्किरीज के बीच हुए मैच के दौरान ये सेक्सी टॉय फेंका गया, जिससे मैच रुक गया था। दूसरी घटना के बाद, सोफी कनिंघम ने इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ने का फैसला किया। डलास विंग्स पर अपनी टीम की जीत के बाद, फीवर की इस स्टार खिलाड़ी ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘कोर्ट में डिल्डो फेंकना बंद करो…तुम हममें से किसी एक को चोट पहुंचाने वाले हो।’ कोर्ट के बाहर अपनी ईमानदारी के कारण कनिंघम शीघ्र ही लीग में सबसे अधिक पहचानी जाने वाली आवाजों में से एक बन गई हैं। जिसने अब बिना डरे ऐसी हरकत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोफी ने कहा है कि यह विचित्र नहीं बल्कि पागलपन है।
