अमिताभ श्रीवास्तव
कौन है जो चूना लगा रहा है? आखिर मुंबई इंडियंस के करोड़ों रुपए वैâसे डूब गए? यह सवाल इन दिनों वायरल हो रहे हैं। दरअसल, आईपीएल में मुंबई इंडियंस की हालत सबसे बेकार है। एक तो हार्दिक पंड्या की कप्तानी पर भी सवाल उठ रहे है, दूसरे एक ऐसा खिलाड़ी जिस पर सबको भरोसा था, वो पूरी तरह असफल है। जी हां, स्टार प्लेयर सूर्यकुमार यादव। कभी मुंबई इंडियंस के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी कहे जाने वाले सूर्यकुमार यादव अब उसके लिए सिरदर्द बन चुके हैं। मुंबई ने सूर्या को आईपीएल २०२६ के लिए १६.३५ करोड़ की बड़ी रकम देकर रिटेन किया था, लेकिन ऐसा लगने लगा है कि सूर्या पर लगाया ये दांव पूरी तरह से फेल हो गया है। आईपीएल २०२६ में सूर्यकुमार यादव अब तक कुल ८ मैच खेल चुके हैं। इन ८ मैचों में सूर्या ने १९.८८ के औसत से सिर्फ १५९ रन बनाए हैं, जिसमें एक अर्धशतक शामिल है। सूर्यकुमार यादव की ये फिफ्टी कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ सीजन के पहले ही मैच में आई थी। इसके बाद मुंबई इंडियंस का ये खिलाड़ी अपने रंग में नहीं दिखा है। अब ऐसा लगता है कि टीम का ये पिलर कमजोर पड़ने लगा है।
सावधान, कास्टिंग
काउच जारी है
यह कोई नई बात नहीं है। मगर सावधान करने वाली है। एकबार फिर कास्टिंग काउच का मामला चर्चा में है और आबकी बार टीवी की दुनिया से अपने करियर की शुरुआत करने वाली कृतिका कामरा ने इस पर बेबाकी से बात की है। कृतिका ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि जब उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा था, तब वह बेहद कम उम्र की थीं। उन्होंने इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच के बारे में सुना था। उनका परिवार अक्सर कास्टिंग काउच की खबरें पढ़ता था। एक्ट्रेस कहती हैं कि उनका भी कास्टिंग काउच से पाला पड़ा था लेकिन वो बचकर निकल गईं। एक्ट्रेस का मानना है कि उनकी किस्मत अच्छी थी कि वो बच गईं। वो ऐसा नहीं मानती हैं कि वो अपनी सूझ-बूझ की वजह से ऐसे हालातों से निकल पाई थीं। कृतिका कामरा का मानना है कि उन्होंने बहुत कम उम्र में अपने करियर की शुरुआत की थी और उस वक्त उन्हें जरा भी समझ नहीं थी। टीवी इंडस्ट्री में सफलता हासिल करने के बावजूद कृतिका को लंबे समय तक एक अलग नजरिए से देखा गया। उन्होंने महसूस किया कि मनोरंजन जगत में टीवी और फिल्मों के कलाकारों के बीच एक अनकही दूरी है। टीवी से आए कलाकारों को हीन भावना के साथ देखा जाता है। कामरा का यह कहना न केवल कास्टिंग काउच जैसी विकृत मानसिकता को उजागर करता है बल्कि आने वाली युवा लड़कियों को सावधान भी करता है।
