पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा का पोता, पूर्व मुख्यमंत्री का बेटा और खुद सांसद रह चुका प्रज्वल रेवन्ना अब बलात्कारी करार दिया गया है। एक नौकरानी के साहस, उसकी साड़ी समेत तमाम सबूतों ने १४ महीने की जद्दोजहद के बाद आखिरकार अदालत ने अपना पैâसला सुनाया और नौकरानी ही नहीं बल्कि कई महिलाओं को इंसाफ दिला दिया। यह सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि उन सैकड़ों पीड़िताओं की उम्मीद है, जो आज भी इंसाफ के इंतजार में बैठी हैं। इस केस की सबसे अहम कड़ी वो साड़ी थी, जो पीड़िता ने घटना के वक्त पहनी हुई थी। जांच में उस साड़ी पर स्पर्म के दाग मिले, जो फॉरेंसिक जांच में साबित भी हो गया। अदालत में नौकरानी की वो साड़ी निर्णायक सबूत के तौर पर पेश की गई और यही इस मामले में सबसे मजबूत कड़ी बनी।
कर्नाटक के पूर्व सांसद और जेडीएस नेता प्रज्वल रेवन्ना को बंगलुरु की विशेष अदालत ने बलात्कार के एक मामले में दोषी करार दिया है। इस केस की जांच और सुनवाई बेहद तेज रही। एफआईआर दर्ज होने के सिर्फ १४ महीने बाद ही अदालत ने पैâसला सुना दिया। यह केस हासन में रहने वाली एक पूर्व घरेलू सहायिका की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसने आरोप लगाया था कि उसके साथ दो बार बलात्कार किया गया। प्रज्वल रेवन्ना पर सिर्फ एक नहीं, बल्कि तीन अलग-अलग महिलाओं ने दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। एक ४४ साल की महिला ने भी मई २०२४ में उसके खिलाफ बार-बार दुष्कर्म करने का केस दर्ज कराया। तीसरा केस ६० साल की एक महिला की शिकायत पर एसआईटी ने दर्ज किया।
सजा का एलान आज
यह फैसला १ अगस्त २०२५ को सुनाया गया। कोर्ट आज यानी २ अगस्त को सजा की अवधि का एलान करेगी। पैâसला सुनते ही प्रज्वल कोर्ट में भावुक हो गया और अदालत में रोने लगा।
नौकरानी ने दर्ज कराई थी शिकायत
प्रज्वल के खिलाफ पहला मामला २८ अप्रैल २०२४ को दर्ज हुआ। शिकायतकर्ता उनकी ४७ साल की पूर्व नौकरानी थी। उसने बताया कि एक नहीं, बल्कि दो बार प्रज्वल ने उसके साथ जबरदस्ती की। यही नहीं, उसने हिम्मत करके घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया था।
