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प्रसव के दौरान 25 मातृ मृत्यु पर प्रयागराज कमिश्नरेट में हलचल…विभाग को जमकर लताड़…अफसरों से मांगा जवाब…जल जीवन मिशन की ‘डी’ रैंकिंग पर भी फटकार

राजेश सरकार / प्रयागराज

मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. की अध्यक्षता में मंगलवार को गांधी सभागार में हुई मंडलीय समीक्षा बैठक में विकास और राजस्व कार्यों की सुस्ती पर अफसरों को कड़ी फटकार लगी। जुलाई की जनपदवार रैंकिंग की समीक्षा के दौरान खराब प्रदर्शन वाले विभागों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। प्रयागराज में संस्थागत प्रसव के दौरान 25 मातृ शक्तियों की मौत का मामला सामने आने पर मंडलायुक्त खासे नाराज दिखे। उन्होंने प्रत्येक मामले की वजह का गहन विश्लेषण कर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कुपोषण के मोर्चे पर भी अधिकारियों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में रही। कौशाम्बी में तीन माह पहले चिन्हित 51 गंभीर तीव्र कुपोषित (एसएएम) बच्चों में महज दो बच्चों के मध्यम तीव्र कुपोषित (एमएएम) श्रेणी में पहुंचने पर मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से प्रभावित परिवारों और बच्चों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति का सत्यापन कर रिपोर्ट तलब की।
जल जीवन मिशन की चारों जिलों में ‘डी’ श्रेणी पर कमिश्नर का पारा चढ़ा। उन्होंने परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति का मानचित्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। स्वयं सहायता समूहों और निर्माण परियोजनाओं में गुणवत्ता, खर्च और निर्धारित समय-सीमा की भी सघन समीक्षा की गई। खराब और लंबित परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति सामने लाने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारियों समेत संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
सरकारी अनुदान प्राप्त गौशालाओं की बदहाली को लेकर भी मंडलायुक्त ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने गौशालाओं में आधारभूत सुविधाएं, स्वच्छता और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ ही गोबर से बायोगैस प्लांट विकसित करने की संभावनाएं तलाशने को कहा।
बैठक में जुलाई की विकास एवं राजस्व रैंकिंग की समीक्षा में विकास कार्यों में कौशाम्बी 9वीं, प्रयागराज 23वीं, फतेहपुर 27वीं और प्रतापगढ़ 38वीं रैंक पर रहे। वहीं राजस्व कार्यों में कौशाम्बी 52वीं, फतेहपुर 64वीं, प्रतापगढ़ 72वीं और प्रयागराज 77वीं रैंक पर रहा। सीएम डैशबोर्ड के खराब प्रदर्शन वाले बिंदुओं की विभागवार समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने कमजोर क्षेत्रों को चिन्हित कर तत्काल सुधार की हिदायत दी। बैठक में चारों जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों के अलावा मंडलीय और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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