-हजारों विद्यार्थियों, अभिभावकों, युवाओं, नागरिकों का महासागर उमड़ा
-राष्ट्रभक्ति के गीतों पर झूमी युवा पीढ़ी
सामना संवाददाता / मुंबई
नीट पेपर लीक के विरोध में विद्यार्थियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर जो आंदोलन किया था, उसकी गूंज देशभर में सुनाई दी। विद्यार्थियों के इस आंदोलन के सामने केंद्र सरकार को भी झुकना पड़ा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा दे दिया।
इसी जीत का जश्न मनाने के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क के पास स्वातंत्र्यवीर सावरकर मार्ग पर ठाकरे बंधुओं द्वारा ‘जल्लोष सभा’ आयोजित की गई थी। इस विजयोत्सव के लिए शिवतीर्थ पर देशभक्ति का तूफान उमड़ पड़ा। हजारों विद्यार्थी, पालक, युवा वर्ग और नागरिकों का महासागर वहां उमड़ पड़ा। ‘भारत माता की जय’ जैसे गगनभेदी नारों से शिवतीर्थ का परिसर गूंज उठा। शिवतीर्थ पर स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा से प्रभादेवी के श्रीसिद्धिविनायक मंदिर तक आज ‘तिरंगा मोर्चा’ निकालने की घोषणा शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने की थी। इसकी तैयारी जोरों पर थी, लेकिन उसी दौरान विद्यार्थियों के आंदोलन को सफलता मिल गई और धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। इसलिए इस मोर्चे की जगह जल्लोष सभा ली गई।
इस जल्लोष सभा के लिए हजारों विद्यार्थी और उनके पालक हाथों में तिरंगा लेकर सुबह से ही शिवतीर्थ पहुंच गए थे। शिवतीर्थ के आस-पास की सड़कें लोगों की भीड़ से भर गई थीं। एक हाथ में तिरंगा और दूसरे हाथ में संविधान लेकर युवा देशभक्ति के गीतों पर झूम रहे थे। विद्यार्थियों द्वारा लाए गए विभिन्न पोस्टर भी आकर्षण का केंद्र थे। जब राज ठाकरे अपने ‘शिवतीर्थ’ निवास से बाहर निकले तो युवाओं ने ‘भारत माता की जय, ‘वंदे मातरम, ‘छत्रपति शिवाजी महाराज की जय’, ‘जय भवानी जय शिवाजी’ के नारे लगाए। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे सावरकर मार्ग पर बने भव्य मंच पर आए और उपस्थित भीड़ का हाथ उठाकर अभिवादन किया। ठाकरे बंधुओं ने लोगों को संबोधित कर उनका उत्साह और बढ़ाया। राष्ट्रगान के साथ सभा का समापन किया गया। इसके बाद ‘वंदे मातरम’ गाना बजाया गया। इस दौरान सभी ने तिरंगा लहराकर गाते हुए जीत का जश्न मनाया।
