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महाराष्ट्र में ‘फर्जी दुल्हन गैंग’ का आतंक…मुंबई से गांव तक फैला शादी ठगी गैंग

सुनील ओसवाल / मुंबई

महाराष्ट्र में ‘शादी’ अब ठगों का नया हथियार बन चुकी है। मुंबई सहित पूरे राज्य में सक्रिय फर्जी दुल्हन गैंग ने सैकड़ों परिवारों को निशाना बनाया है। यह गिरोह सुनियोजित तरीके से शादी करवाकर महज २४ से ४८ घंटे के भीतर नकदी और गहनों के साथ फरार हो जाता है, जिससे पीड़ित परिवार न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक रूप से भी टूट जाते हैं।
जांच में सामने आया है कि ये गैंग एक तय स्क्रिप्ट पर काम करते हैं। पहले मैट्रिमोनियल वेबसाइट, सोशल मीडिया या स्थानीय दलालों के जरिए संपर्क किया जाता है। फिर ‘गरीब लेकिन संस्कारी लड़की’ या ‘अनाथ दुल्हन’ का भावनात्मक कार्ड खेला जाता है। परिवार को जल्दी शादी के लिए राजी किया जाता है, ताकि ज्यादा जांच-पड़ताल का मौका ही न मिले।
शादी होते ही दुल्हन कुछ ही घंटों में घर का माहौल समझ लेती है और फिर मौका देखकर नकदी, गहने और कीमती सामान लेकर गायब हो जाती है। कई मामलों में दुल्हन के साथ गैंग के अन्य सदस्य भी आसपास मौजूद रहते हैं, जो फरार होने में मदद करते हैं। मुंबई पुलिस के सूत्रों के अनुसार, यह अब ‘इंडिविजुअल क्राइम’ नहीं बल्कि इंटर-डिस्ट्रिक्ट नेटवर्क बन चुका है। एक ही गैंग अलग-अलग नाम और पहचान के साथ कई जिलों में वारदात को अंजाम देता है। कुछ मामलों में एक ही महिला ने अलग-अलग जगहों पर कई शादियां कर ठगी को अंजाम दिया है।
एनसीआरबी के आंकड़े इस खतरे की भयावह तस्वीर पेश करते हैं। वैवाहिक ठगी और साइबर प्रâॉड के मामलों में पिछले चार सालों में ९०० प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। महाराष्ट्र इस अपराध में देश में दूसरे स्थान पर है, जो बताता है कि यह समस्या कितनी गहरी हो चुकी है। चौंकाने वाली बात यह है कि कई मामलों में पीड़ित परिवार सामाजिक बदनामी के डर से पुलिस में शिकायत तक नहीं करते, जिससे ये गैंग और ज्यादा बेखौफ हो जाते हैं। वहीं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को फंसाने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए विशेषज्ञ कहते हैं कि यह ‘इमोशनल क्राइम’ है, जिसमें ठग सीधे परिवार की कमजोरियों और सामाजिक दबाव का फायदा उठाते हैं। ऐसे में पुलिस के साथ-साथ समाज को भी सतर्क रहने की जरूरत है।
सतर्कता ही सुरक्षा
शादी जैसे संवेदनशील फैसले में जल्दबाजी और अंधविश्वास अब भारी पड़ सकता है। हर जानकारी की जांच, पारिवारिक स्तर पर पुष्टि और पुलिस वेरिफिकेशन ही ऐसे गैंग के खिलाफ सबसे बड़ा बचाव है। महाराष्ट्र में ‘फर्जी दुल्हन गैंग’ अब सिर्फ खबर नहीं, बल्कि एक खतरनाक ट्रेंड बन चुका है—जहां रिश्तों के नाम पर संगठित अपराध पनप रहा है।
ठगी का पैटर्न समझिए
-फर्जी प्रोफाइल और बनावटी पहचान
-जल्द शादी के लिए दबाव
-सीमित जानकारी और नकली दस्तावेज
-शादी के तुरंत बाद विश्वास जीतना
-२४–४८ घंटे में गहने और नकदी लेकर फरार

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