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अवैध निर्माणों को लेकर अदालत ने ठाणे मनपा आयुक्त से पूछे १९ सवाल!

-अधिकारियों की उड़ी नींद, निशाने पर आए आयुक्त

सामना संवाददाता / मुंबई

ठाणे मनपा क्षेत्र अंतर्गत अवैध निर्माणों से संंबंधित १९ सवालों के जवाब जिला न्यायालय के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जी.जी. भंसाली ने मांगे हैं। अदालत द्वारा प्रशासन से पूछे गए सवालों की बौछार से ठाणे मनपा के अधिकारियों की नींद उड़ गई है और मनपा आयुक्त अदालत के निशाने पर आ गए हैं।
बता दें कि मुंब्रा, दिवा और शील सहित अन्य मनपा क्षेत्रों के भीतर अवैध निर्माणों के संबंध में उच्च न्यायालय ने न्यायिक जांच अधिकारी नियुक्त किया है। न्यायमूर्ति भंसाली ने मनपा आयुक्त सौरभ राव के साथ-साथ अतिरिक्त आयुक्त, सहायक आयुक्त, कर्मचारियों और बिल्डरों के बयान दर्ज किए हैं। इस बयान के बाद न्यायमूर्ति भंसाली ने अवैध निर्माणों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। भंसाली ने सीधे मनपा आयुक्त राव से १९ सवाल पूछे हैं।
क्या हैं महत्वपूर्ण सवाल?
२०१५ से अब तक २४,५८८ अवैध निर्माण ध्वस्त किए जा चुके हैं, जबकि संबंधित अधिकारियों द्वारा दिए गए बयान में बताया गया कि ३६५ इमारतें पूरी तरह से ध्वस्त कर दी गई हैं। निर्माण लागत डेवलपर से वसूल की गई थी क्या? २०२० से अब तक १३ सहायक आयुक्तों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। इस जांच का क्या परिणाम निकला? यदि इस जांच का परिणाम लंबित है, तो किस अधिकारी के समक्ष प्रलंबित है और कब से चल रहा है?
२०२१ में सेवानिवृत्त न्यायाधीश कुलकर्णी ने कुछ जांच शुरू की थी। उस जांच का क्या हुआ? २०२१ में सहायक आयुक्त शंकर पटोले के विरुद्ध शुरू की गई जांच का क्या हुआ? सहायक आयुक्त महेश अहेर ने संतोष भोईर को सूचित किया था कि दस इमारतों पर कार्रवाई पूरी हो चुकी है, लेकिन प्रमाण मिले हैं कि इमारतें अभी भी उसी स्थान पर खड़ी हैं। इस संबंध में वर्तमान स्थिति क्या है?
अगस्त २०२१ में उपायुक्त, अतिरिक्त आयुक्त के पद पर कौन अधिकारी थे? प्रणाली घोंगे का वृक्ष प्राधिकरण विभाग में अचानक स्थानांतरण होने का क्या कारण था? २०२१ में तत्कालीन सहायक आयुक्त पटोले और बोरसे की जांच की गई। फिर उन्हें पदोन्नत किया गया। इस जांच का अंतिम परिणाम क्या था? आदि सवाल न्यायाधीश ने किए हैं।

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