सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में अन्नदाताओं की बदहाल स्थिति को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दावा किया कि राज्य में हर दिन औसतन ८ किसान आत्महत्या कर रहे हैं, जो सरकार की किसान विरोधी नीतियों का सीधा परिणाम है।
बुलढाणा जिले में आयोजित ‘शिव सम्मान अन्नदाता संघर्ष पदयात्रा’ के दौरान सपकाल ने कहा कि किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम नहीं मिल रहा, जबकि बीज, खाद और अन्य कृषि लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे हालात में खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है और किसान आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं।
कांग्रेस का कहना है कि राज्य में हर तीन घंटे में एक किसान आत्महत्या कर रहा है, इसके बावजूद सरकार जश्न मनाने में व्यस्त है। पार्टी ने इसे ‘अन्नदाता के प्रति लापरवाही’ करार देते हुए कहा कि जब तक किसानों को न्याय और आर्थिक सुरक्षा नहीं मिलती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि २०१४ के बाद किसानों के हितों की लगातार अनदेखी की गई है। सपकाल ने कहा कि पहले की कांग्रेस सरकारों ने कर्जमाफी और आपदा राहत के जरिए किसानों को सहारा दिया, लेकिन मौजूदा सरकार इस मुद्दे पर पूरी तरह असंवेदनशील है। कांग्रेस ने सरकार से सीधा सवाल किया है कि जब किसान लगातार आत्महत्या कर रहे हैं, तब व्यापक कर्जमाफी का निर्णय क्यों नहीं लिया जा रहा? पार्टी का आरोप है कि सरकार सिर्फ घोषणाएं करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर राहत नहीं पहुंचती। सपकाल ने अमेरिका के साथ संभावित व्यापार समझौते पर भी चिंता जताई।
