सोम मिश्रा “शिवम”
एमएमए प्रेमियों का इंतज़ार आखिरकार खत्म हो गया है, क्योंकि मैट्रिक्स फाइट नाइट (एमएफएन) १७ धमाकेदार वापसी २ अगस्त को करने जा रहा है, जिसमें कृष्णा श्रॉफ और टाइगर श्रॉफ एक बार फिर भारत के प्रमुख मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स मंच की कमान संभालेंगे। अपने पिछले आयोजनों की जबरदस्त सफलता के बाद श्रॉफ भाई-बहन भारतीय फाइटर्स को अंडर-रेटेड श्रेणी से बाहर निकालकर उस सुर्खियों में लाने के अपने मिशन को जारी रखने के लिए वापस आ गए हैं, जिसके वे हक़दार हैं।
यह वापसी सिर्फ़ एक और इवेंट नहीं है, बल्कि भारत में एमएमए की तस्वीर को बदलने की उनकी प्रतिबद्धता का अगला बड़ा अध्याय है। श्रॉफ परिवार की कोशिशें भारत की युवा प्रतिभाओं को वो पहचान और अवसर दे रही हैं, जो कभी असंभव माने जाते थे। वर्ष २०१९ में आयशा श्रॉफ के साथ मिलकर एमएमए मैट्रिक्स और एमएफएन की स्थापना के बाद से इस ट्रायो ने लगातार भारत में एमएमए के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा और मंच खड़ा किया है। मुंबई, दिल्ली, नोएडा, हैदराबाद और दुबई जैसे शहरों में एमएफएन ने बड़े-बड़े आयोजन किए हैं, जिनमें हर बार दर्शकों की संख्या और उत्साह पहले से बढ़ा है। जहाँ प्रत्येक कार्यक्रम ने बड़ी संख्या में दर्शकों को आकर्षित किया है और खेल में अधिक रुचि पैदा की है।
एमएफएन कंटेंडर्स और इंटरनेशनल फाइट नाइट का दोहरा प्रारूप एक सफल फॉर्मूला साबित हुआ है, जिसमें तीन दिन तक चलने वाले इस टूर्नामेंट फॉर्मेट ने भारत भर के शौकिया और पेशेवर फाइटर्स को प्रतिष्ठित एमएफएन कॉन्ट्रैक्ट्स जीतने का सुनहरा अवसर दिया है।
एमएफएन १७ की वापसी को विशेष रूप से रोमांचक बनाने वाली बात श्रॉफ परिवार द्वारा भारतीय फाइटर्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने में सफल रहा है। एमएफएन से जुड़े फाइटर्स जैसे अंशुल जुबली और पूजा तोमर अब यूएफसी जैसे ग्लोबल मंचों का हिस्सा बन चुके हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि एमएफएन कितनी गुणवत्तापूर्ण ट्रेनिंग, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराता है। अब २ अगस्त को शुरू होने जा रहे एमएफएन १७ के लिए यह सिर्फ़ एक और फाइट नाइट से कहीं बढ़कर है। यह श्रॉफ परिवार के उस विज़न का एक विस्तार है, जिसके तहत भारत को ग्लोबल एमएमए क्षेत्र में एक गंभीर दावेदार के रूप में स्थापित किया जाएगा, साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रतिभाशाली फाइटर्स को अब अंतरराष्ट्रीय पहचान की छाया में नहीं, बल्कि उसके केंद्र में हों।
