शिवसैनिकों ने की डीन से मुलाकात
बोले, नहीं मिटने देंगे मुंबई की विरासत
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई के ऐतिहासिक केईएम अस्पताल के नाम बदलने के प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने इस प्रस्ताव पर जोरदार विरोध जताया है। इसी के साथ ही स्थानीय विधायक अजय और मनपा में नेता प्रतिपक्ष किशोरी पेडणेकर समेत कई नगरसेवकों ने कल सुबह केईएम अस्पताल की डीन डॉ. संगीता रावत से मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने अस्पताल का नाम बदलने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए उन्हें ज्ञापन सौंपा। इस बीच किशोरी पेडणेकर चौधरी ने कहा कि हम मुंबई की विरासत को बिल्कुल भी नहीं मिटने देंगे। केईएम अस्पताल का १०० साल से अधिक पुराना इतिहास है। हाल ही में इसका शताब्दी वर्ष बड़े उत्साह के साथ मनाया गया था। इस समारोह में देश-विदेश के नामी डॉक्टर, पूर्व डीन और कई गणमान्य लोग शामिल हुए थे। ऐसे ऐतिहासिक विरासत वाले अस्पताल का नाम अचानक बदलने के प्रस्ताव से व्यापक नाराजगी जताई जा रही है। प्रस्ताव के अनुसार अस्पताल का नाम कौशल्या श्रेष्ठ एकलव्य स्मारक अस्पताल रखने का विचार सामने आया है। विपक्ष का आरोप है कि यह निर्णय जल्दबाजी में और बिना उचित प्रक्रिया के लिया गया है।
मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान देने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अस्पताल का नाम बदलने के बजाय यहां की बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। अस्पताल में नर्सों की कमी, एमआरआई, सीटी स्वैâन, सोनोग्राफी जैसी सेवाओं में दिक्कतें और सुरक्षा व्यवस्था में खामियां होने की बात भी सामने रखी गई। जल्द ही यह प्रतिनिधिमंडल मनपा आयुक्त से मुलाकात कर सैकड़ों नागरिकों के हस्ताक्षर वाला ज्ञापन सौंपेगा।
नाम बदलने के पीछे स्वार्थ, मुंबई पर कब्जे की कोशिश – अजय चौधरी
अजय चौधरी ने आरोप लगाया कि अस्पताल के नाम परिवर्तन के पीछे कुछ लोगों का स्वार्थ छिपा है और मुंबई को अपने कब्जे में लेने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि दबाव और दादागीरी के जरिए ऐसे पैâसले लिए जा रहे हैं।
देश से लेकर ग्राम पंचायत तक तानाशाही -किशोरी पेडणेकर
किशोरी पेडणेकर ने कहा कि देश से लेकर ग्राम पंचायत तक तानाशाही जैसी स्थिति बन गई है और मुंबई के हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि एडवर्ड के योगदान से यह अस्पताल बना था। ऐसे में अब नाम बदलने की मांग करने वालों के पूर्वज उस समय कहां थे? उन्होंने चेतावनी दी कि पैसे के दम पर इतिहास बदलने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
