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सार्वजनिक शौचालयों में पानी नदारद, ठेकेदार पर जुर्माना… सभी सार्वजनिक शौचालयों का निरीक्षण शुरू

सुरेश गोलानी / मुंबई

शहर के सामुदायिक (सार्वजनिक ) शौचालयों में पानी के अभाव से लोगों को खासकर महिलाओं को रही असुविधा को `दोपहर का सामना’ ने शुक्रवार (१ अगस्त) के अंक में (सामुदायिक शौचालयों में पानी की व्यवस्था नहीं) प्रमुखता से प्रकाशित किया। उसके बाद मीरा-भायंदर महानगरपालिका के उपायुक्त सचिन बांगर ने खबर का संज्ञान लेते हुए संबंधित ठेकेदार को न सिर्फ नोटिस जारी किया, बल्कि आर्थिक जुर्माना भी लगा दिया है। भायंदर-पश्चिम के प्रभाग क्रमांक १ में स्थित गणेश देवल नगर, जय अंबे नगर, नेहरू नगर, शास्त्री नगर, भोला नगर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर नगर और मूर्धा खाड़ी में मनपा ने सामुदायिक शौचालय पानी और अन्य सुविधाओं के अभाव में सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं।
भाजपा के पूर्व नगरसेवक एड. रवि व्यास ने मनपा आयुक्त राधा विनोद शर्मा को शिकायत पत्र देकर ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। बांगर ने पुणे स्थित ठेकेदार-सुमित पैâसिलिटी लिमिटेड टेंडर में अंकित नियमों का उल्लंघन करने के लिए नोटिस जारी कर ५ प्रतिशत आर्थिक दंड लगाने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा मनपा प्रशासन ने सभी सार्वजनिक शौचालयों का निरीक्षण शुरू कर दिया है।
ठेकेदार की जिम्मेदारी
यदि किसी शौचालय में गंदगी पाई जाती है या पानी की व्यवस्था नहीं होती है तो ठेकेदार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा और जुर्माना लगाया जाएगा। सामुदायिक शौचालयों को स्वच्छ रखना ठेकेदार की जिम्मेदारी है। ठेकेदार को यह सुनिश्चित करना होता है कि शौचालय साफ-सुथरे रहें और सभी आवश्यक सुविधाएं जैसे पानी और बिजली हर समय उपलब्ध हों।
प्रति वर्ष खर्च होते हैं करोड़ों रुपए
आरोप है कि मनपा शौचालयों के रखरखाव के लिए प्रति वर्ष करोड़ों रुपए खर्च तो करती है, पर स्वच्छता निरीक्षकों की ठेकेदारों के साथ कथित मिलीभगत के कारण वे खुलेआम हो रही इन अनियमितताओं को अनदेखा कर उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती है।

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