श्रावण में किसी भी दिन घर में पारद शिवलिंग की स्थापना करें और यथा विधि पूजन करें। इसके बाद नीचे लिखे मंत्र का १०८ बार जप करें।
ऐं ह्रीं श्रीं ॐ नम: शिवाय: श्रीं ह्रीं ऐं
प्रत्येक मंत्र के साथ एक बिल्वपत्र पारद शिवलिंग पर चढ़ाएं। बिल्वपत्र के तीनों दलों पर लाल चंदन से क्रमश: ऐं, ह्री, श्रीं लिखें। यह प्रयोग चालीस दिन तक करना है। अंतिम दिन जो १०८ वां बिल्वपत्र रहे, उसे शिवलिंग पर चढ़ाने के बाद निकाल लें तथा उसे एक कांच के फ्रेम में चढ़वा कर प्रतिदिन उसकी पूजा करें। शीघ्र ही आपकी इनकम बढ़ने लगेगी।
श्रावण में किसी भी दिन सुबह जल्दी उठकर नहाकर, साफ वस्त्र पहनकर भगवान शिव का पूजन करें। इसके पश्चात गेहूं के आटे से ग्यारह शिवलिंग बनाएं। अब प्रत्येक शिवलिंग का शिवमहिम्न स्त्रोत से जलाभिषेक करें। इस प्रकार ११ बार जलाभिषेक करें। उस जल का कुछ भाग प्रसाद के रूप में ग्रहण करें। यह प्रयोग लगातार २१ दिन तक करें। गर्भ की रक्षा के लिए और संतान प्राप्ति के लिए गर्भ गौरी रुद्राक्ष भी धारण करें। इसे किसी शुभ दिन शुभ मुहूर्त देखकर धारण करें।
