-छत्रपति संभाजीनगर में तोड़ा था मतीन पटेल का घर
सामना संवाददाता / संभाजीनगर
मुंबई हाई कोर्ट ने छत्रपति संभाजीनगर मनपा द्वारा एमआईएम पार्षद मतीन पटेल से जुड़ी संपत्तियों को तोड़े जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि मनपा की कार्रवाई ‘चौंकाने वाली और दुर्भाग्यपूर्ण’ लगती है, क्योंकि कोर्ट के सामने यह आश्वासन दिया गया था कि किसी भी सख्त कार्रवाई से पहले पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। यहां की मनपा में भाजपा सत्ता में है।
यह मामला अवकाशकालीन पीठ के सामने वकील कृष्णा रोडगे और अभयसिंह भोसले ने तत्काल रखा। दोनों वकील मतीन पटेल और हनीफ खान की ओर से पेश हुए। हनीफ खान उस मकान के मालिक हैं, जहां आईटी कंपनी के एक कर्मचारी ने नासिक पुलिस से बचने के दौरान शरण ली थी। इस कर्मचारी पर यौन उत्पीड़न और धार्मिक दबाव डालने के आरोपों से जुड़ा मामला दर्ज है।
‘चौंकाने वाला और दुर्भाग्यपूर्ण’
न्यायमूर्ति वैशाली पाटील-जाधव ने कहा कि मतीन पटेल के घर, उनके कार्यालय और हनीफ खान के घर को मनपा अधिकारी संतोष वाहुले की अगुवाई में बिना तय कानूनी प्रक्रिया अपनाए तोड़ा गया। न्यायमूर्ति ने टिप्पणी करते हुए कहा, ‘हां, यह वास्तव में चौंकाने वाला और दुर्भाग्यपूर्ण है। यह बयान खुली अदालत में और संबंधित अधिकारी की मौजूदगी में दिया गया था।’
