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हिंजवड़ी में १५ लाख नौकरियों पर संकट!..आदित्य ठाकरे का महायुति सरकार पर हमला

सामना संवाददाता / पुणे

राज्य की औद्योगिक और आईटी पार्क क्षेत्रों में सड़क पर गड्ढों और दुर्व्यवस्था को लेकर महायुति सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है। इस बीच शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने चाकण के बाद पुणे के हिंजवड़ी आईटी पार्क का दौरा कर क्षेत्र की बदहाल स्थिति का जायजा लिया और इस दौरान उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर चिंता व्यक्त की और महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के सबसे बड़े आईटी पार्कों में से एक हिंजवड़ी आईटी पार्क है, लेकिन आज राज्य सरकार की नाकामी और लापरवाही के चलते प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े करीब १५ लाख लोगों के रोजगार पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।
मीडिया से बातचीत में मंगलवार को हिंजवड़ी में आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि कई कंपनियां महाराष्ट्र से बाहर जाने पर विचार कर रही हैं, क्योंकि उन्हें बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों की खराब हालत, पानी और बिजली की समस्याएं तथा लगातार बढ़ती यातायात अव्यवस्था के कारण कंपनियों और कर्मचारियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। यह स्थिति लगभग सभी औद्योगिक क्षेत्र और शहरों में है।
आदित्य ठाकरे के मुताबिक, हिंजवड़ी के आईटी पार्क पर करीब साढ़े छह लाख लोग सीधे तौर पर निर्भर हैं, जबकि लगभग १५ लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार इस क्षेत्र से मिलता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि बुनियादी ढांचे की बदहाली के कारण कंपनियां दूसरे राज्यों का रुख करती हैं, तो इसका सबसे बड़ा नुकसान महाराष्ट्र के युवाओं और रोजगार को होगा।
उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान होने से केवल कंपनियों को राहत नहीं मिलेगी, बल्कि लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों की जीवनशैली भी बेहतर होगी।
उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन-चार वर्षों में हिंजवड़ी में नई कंपनियों का आना भी लगभग रुक गया है। मौजूदा कंपनियां भी विस्तार के बजाय अपने कर्मचारियों और संचालन को दूसरे चरणों में स्थानांतरित करने पर विचार कर रही हैं, क्योंकि एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक पहुंचने में ही एक से डेढ़ घंटे तक का समय लग जाता है।
मेट्रो से लेकर कचरे तक बदहाली
हिंजवड़ी दौरे के दौरान स्थानीय नागरिकों, ग्रामीणों और कर्मचारियों से बातचीत का हवाला देते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि कई इलाकों में सड़कों के किनारे फुटपाथ तक नहीं हैं। मेट्रो परियोजना भी समय पर शुरू नहीं हो पाई है। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो-तीन महीनों से मेट्रो सेवा शुरू होने का इंतजार किया जा रहा है और उद्घाटन की तारीख तक स्पष्ट नहीं है। उन्होंने पाइपलाइन गैस की सुविधा के अभाव और कचरा प्रबंधन की समस्या को लेकर भी प्रशासन पर निशाना साधा। उनका आरोप था कि इतनी बड़ी आईटी आबादी होने के बावजूद इन मूलभूत समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
तीन एजेंसियां, फिर भी व्यवस्था बेहाल
आदित्य ठाकरे ने हिंजवड़ी में प्रशासनिक समन्वय की कमी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ चौराहों और सड़कों पर लोक निर्माण विभाग, पीएमआरडीए और पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका तीनों की जिम्मेदारी दिखाई देती है। फिर भी सुविधाएं नहीं।

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