-मनपा में विलय और समान वेतन की मांग पर कर्मचारी आक्रामक
द्रुप्ति झा / मुंबई
मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली बेस्ट अब खुद अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। वर्षों से लंबित वेतन समझौतों, भत्तों, समान वेतन और आर्थिक सहायता की मांग को लेकर बेस्ट कर्मचारियों, वेट-लीज श्रमिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। प्रशासन की कथित वादाखिलाफी और लगातार टालमटोल से नाराज कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि अब आश्वासन नहीं, निर्णायक कार्रवाई चाहिए।
१७ अगस्त को परेल के ऐतिहासिक शिरोडकर हॉल में हुई यूनियन की विशाल बैठक में कर्मचारियों ने आर-पार की लड़ाई का पैâसला किया। यूनियन नेता शशांक राव ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। कर्मचारियों का आरोप है कि २०१६-२१ और २०२१-२६ के वेतन समझौते वर्षों से लंबित हैं। सवाल यह है कि जो कर्मचारी दिन-रात मुंबई की परिवहन व्यवस्था को अपने कंधों पर संभाल रहे हैं, उनके वेतन और अधिकारों के फैसले वर्षों तक फाइलों में क्यों अटके पड़े हैं?
सातवां वेतन आयोग चाहिए, भेदभाव नहीं
कर्मचारियों की सबसे प्रमुख मांगों में २०१६-२१ और २०२१-२६ के वेतन समझौतों को तत्काल अंतिम रूप देना और मनपा कर्मचारियों की तर्ज पर ७वें वेतन आयोग के अनुसार वेतनमान लागू करना शामिल है। वेट-लीज कर्मचारियों को लेकर भी यूनियन ने मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों की मांग है कि निजी कंपनियों के अधीन काम कर रहे श्रमिकों को समान काम, समान वेतन का अधिकार मिले।
