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एक ही जिले की १.७० लाख लाडली बहनें अपात्र …सरकार ने जिले की सभी बहनों का फंड रोका!

ठगी महसूस कर रही हैं महिलाएं
सामना संवाददाता / मुंबई
लाडली बहन योजना के तहत राज्य में महिलाओं को आर्थिक सहयोग के रूप में १,५०० रुपए राज्य की महायुति सरकार दे रही है। लेकिन सरकार के सर पर आर्थिक बोझ बढ़ने से अब लाडली बहनों के साथ सरकार धोखा करने पर तुल गई है। सरकार धीरे-धीरे उनकी छंटनी कर रही है। बुधवार को लाडली बहनों को बड़ा झटका देते हुए सरकार ने एक ही जिले में १.७० लाख से अधिक लाडली बहनों को अपात्र घोषित कर दिया है।
बता दें कि महाराष्ट्र के सांगली जिले में जांच अभियान में आवेदन में त्रुटि मिलने के बाद १,७०,७२९ महिलाओं को अपात्र घोषित किया गया है। इसके चलते अब इन महिलाओं को हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि बंद कर दी जाएगी। साथ ही सांगली जिले को मिलने वाला २५.६० करोड़ रुपए का सरकारी फंड भी रोक दिया गया है।
करीब एक साल पूर्व विधानसभा चुनाव से पहले बड़े पैमाने पर प्रचारित इस योजना में सांगली जिले से ७,३५,९४४ महिलाएं लाभार्थी बनी थीं। लेकिन योजना में धांधली की शिकायतों के बाद सरकार ने पुन: दस्तावेजों की जांच शुरू की। अपात्र लाडली बहनों से अब राशि वसूलने और कार्रवाई के आदेश जारी हुए हैं। इससे पहले पूरे महाराष्ट्र में २६ लाख से अधिक अपात्र लाभार्थी सामने आए थे, जिनमें १४ हजार पुरुष भी शामिल थे। सभी का फंड रोका गया है और अभी भी पूरे राज्य में जांच की प्रक्रिया जारी है।

इन लाडली बहनों पर होगी कार्रवाई
एक ही परिवार में कई लाभार्थी- ऐसे ७४,४९४ परिवार मिले, जहां एक से अधिक महिलाओं ने आवेदन किया था।
आयु सीमा का उल्लंघन- योजना के तहत २१-६० वर्ष की महिलाओं को ही पात्रता है, लेकिन १४,७४७ महिलाएं इस दायरे से बाहर थीं।
तकनीकी त्रुटियां- एक ही प्रोफाइल से कई आवेदन, बैंक पासबुक में नाम की गलतियां जैसी गड़बड़ियों से आवेदन रद्द हुए।
आर्थिक आधार- जिन महिलाओं के पास चार पहिया वाहन थे, उन्हें भी योजना से बाहर कर दिया गया। इस श्रेणी में २०,१२० से अधिक महिलाएं शामिल हैं।

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