आइची-नागोया एशियन गेम्स में बुधवार, ३० सितंबर का दिन भारत के नाम रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने तीरंदाजी, शूटिंग, मुक्केबाजी और कुश्ती में दमदार प्रदर्शन करते हुए कुल सात पदक अपनी झोली में डाले। इनमें चार स्वर्ण और तीन कांस्य पदक शामिल रहे। सबसे बड़ी चमक कंपाउंड तीरंदाजी में दिखी, जहां भारत ने महिला, मिश्रित और पुरुष टीम—तीनों स्पर्धाओं में स्वर्ण जीतकर सुनहरी हैट्रिक पूरी की। शूटिंग में नीरू ढांडा और किनान चेनाई ने ट्रैप मिश्रित टीम स्पर्धा में एशियन गेम्स रिकॉर्ड के साथ सोना जीता। मुक्केबाजी और कुश्ती ने भी भारत की पदक तालिका मजबूत की।
महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम – स्वर्ण
ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिथा तनिपार्थी और पृथिका प्रदीप की भारतीय तिकड़ी ने फाइनल में चीन को २३८-२३४ से हराकर स्वर्ण पदक जीता। भारतीय टीम ने शानदार निशानेबाजी करते हुए विश्व रिकॉर्ड स्कोर की बराबरी भी की। इससे पहले सेमीफाइनल में भारत ने दक्षिण कोरिया को २३४-२३३ से हराया था। इस जीत के साथ भारत ने महिला कंपाउंड टीम स्पर्धा का अपना एशियाई खेल खिताब बरकरार रखा।
चिकिथा तनिपार्थी- साहिल जाधव – स्वर्ण
कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में चिकिथा तनिपार्थी और साहिल जाधव ने दक्षिण कोरिया को रोमांचक शूटऑफ में हराकर स्वर्ण जीता। निर्धारित चार एंड के बाद मुकाबला १५७-१५७ से बराबर था। शूटऑफ में भारतीय जोड़ी ने २०-१९ से बाजी मारी। इस जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिलिस २०२८ ओलंपिक के कंपाउंड मिश्रित टीम इवेंट का कोटा भी हासिल कर लिया। –
पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी टीम – स्वर्ण
कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेशमणि रत्नम की भारतीय टीम ने पुरुष कंपाउंड टीम फाइनल में चीन को बेहद करीबी मुकाबले में २३८-२३७ से हराकर स्वर्ण पदक जीता। भारत ने आखिरी तीर तक चले मुकाबले में दबाव के बावजूद बढ़त कायम रखी। इस जीत के साथ भारत ने एक ही दिन कंपाउंड तीरंदाजी की महिला, मिश्रित और पुरुष टीम—तीनों स्पर्धाओं में स्वर्ण जीतकर क्लीन स्वीप पूरा किया।
नीरू ढांडा-किनान चेनाई – स्वर्ण
शूटिंग की मिश्रित ट्रैप टीम स्पर्धा में नीरू ढांडा और किनान चेनाई ने भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में ३४ हिट दर्ज किए और नया एशियाई खेल रिकॉर्ड बनाया। पिछला रिकॉर्ड ३० का था। कतर ने ३२ के साथ रजत और चीन ने २३ के साथ कांस्य जीता। मिश्रित ट्रैप टीम स्पर्धा में यह भारत का पहला एशियाई खेल स्वर्ण है।
कपिल पोखरिया – कांस्य
पुरुषों के ९० किलोग्राम मुक्केबाजी वर्ग में कपिल पोखरिया ने भारत को कांस्य पदक दिलाया। सेमीफाइनल में उनका सामना उज्बेकिस्तान के तुराबेक खबीबुल्लाएव से हुआ, जहां भारतीय मुक्केबाज को हार का सामना करना पड़ा। सेमीफाइनल तक पहुंचने के कारण कपिल का कांस्य पदक सुनिश्चित था। उनके पदक ने भारत के मुक्केबाजी अभियान को और मजबूत किया।
सुनील कुमार – कांस्य
भारतीय पहलवान सुनील कुमार ने पुरुष ग्रीको-रोमन कुश्ती के ८७ किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीता। यह एशियाई खेल २०२६ में भारत का कुश्ती में पहला पदक है। सुनील ने कांस्य पदक मुकाबले में जीत दर्ज कर भारत का कुश्ती खाता खोला।
प्रिय घांघस – कांस्य
भारतीय मुक्केबाज प्रिय घांघस ने महिलाओं के ६० किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीता। सेमीफाइनल में उन्हें चीन की पूर्व विश्व चैंपियन यांग चेंगयू के खिलाफ १-४ से हार मिली। २० वर्षीय प्रिय पहली बार एशियाई खेलों में हिस्सा ले रही हैं। अंतिम चार में पहुंचने के कारण उनका कांस्य पदक पहले ही सुनिश्चित हो गया था।
