मुख्यपृष्ठस्तंभप्रोजेक्ट पड़ताल : मीठी नदी खटाई में!.. ८ वर्ष में सिर्फ कागजी...

प्रोजेक्ट पड़ताल : मीठी नदी खटाई में!.. ८ वर्ष में सिर्फ कागजी काम…पुराने पुल का नहीं हुआ विकास

ब्रिजेश पाठक

माहिम और एस. वी. रोड तथा वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के बीच होने वाली भीड़ को कम करने के लिए मनपा ने माहिम कॉजवे पर स्थित मीठी नदी पर बने पुराने पुल के पुनर्विकास और चौड़ीकरण के कार्य की शुरुआत आठ वर्ष बाद की है। इस पुल की योजना वर्ष २०१७ में बन गई थी, लेकिन काम की शुरुआत अब हुई है, जो मनपा की लेटलतीफी को दर्शाता है। यह पुल अब एक १० लेन के आर्च ब्रिज के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक, यह पुल पश्चिम उपनगरों और दक्षिण मुंबई को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जो मीठी नदी पर से होकर गुजरता है और माहिम कॉजवे का हिस्सा है। इस कॉजवे का इतिहास १८४० के दशक तक का है। यह पुल एस. वी. रोड (एच/वेस्ट वार्ड) को माहिम (जी/नॉर्थ वार्ड) और दक्षिण मुंबई के अन्य हिस्सों से जोड़ता है। हालांकि, बढ़ते यातायात और पुल की पुरानी संरचना के कारण यह एक प्रमुख बाधा बन गया है। मनपा ने २०१७ में इस पुल को पुन: निर्मित कर १० लेन चौड़ा करने की योजना बनाई थी।
दो चरणो में होगा काम
मनपा अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में मनपा मौजूदा पुल की दोनों ओर दो नए पुलों का निर्माण करेगी। इसके बाद यातायात को नए पुलों की लेनों पर मोड़ा जाएगा, जिससे अगले चरण का रास्ता साफ होगा। दूसरे चरण में मौजूदा संरचना को ध्वस्त कर उसके स्थान पर नया पुल बनाया जाएगा। मौजूदा पुल की लंबाई ४४.१ मीटर और चौड़ाई ३१.८ मीटर है, जिसमें प्रत्येक दिशा में तीन लेन हैं।
डबल-आर्च डिजाइन में प्रस्तावित
नया पुल ५२ मीटर चौड़ा होगा, जिसमें हर दिशा में पांच-पांच लेन होंगी और इसकी लंबाई १०४ मीटर होगी। यह पुल डबल-आर्च डिजाइन में प्रस्तावित है। देरी का कारण बताते हुए कहा गया कि क्योंकि यह पुल संरक्षित मैन्ग्रोव्ज क्षेत्र के पास आता है और वन विभाग की अनुमति आवश्यक थी। जनवरी २०२४ में महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड की अनापत्ति प्रमाणपत्र और वन विभाग की स्टेज-२ मंजूरी मिलने के बाद काम में तेजी आई।
दो वर्षों में पूरा होने का अनुमान
मौजूदा समय में बीएमसी पुल के पूर्वी हिस्से में स्थित नए पुल के मेटल गर्डर की फैब्रिकेशन का काम शुरू कर चुकी है। इसके अलावा चार एबटमेंट्स में से तीन का कार्य पूरा कर लिया गया है। इस परियोजना की कुल लागत १०३.२६ करोड़ रुपए तय की गई है। फिलहाल यह परियोजना प्रारंभिक अवस्था में है और इसके दो वर्षों में पूरा होने का अनुमान है।

अन्य समाचार