– राज्य के नौ राष्ट्रीय राजमार्गों पर होगा स्थापित
-७६८ करोड़ रुपए होंगे खर्च
सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य के १,९६७ किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों पर ७६८.६९ करोड़ रुपए की लागत से एकीकृत यातायात प्रबंधन प्रणाली (आईटीएमएस) स्थापित की जाएगी। इसमें मुंबई, पुणे और नागपुर संभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात नियंत्रण के लिए मौजूदा सरकारी प्रणाली अपर्याप्त होती जा रही है। अब सरकार ने मुंबई, पुणे और नागपुर संभाग के राष्ट्रीय राजमार्गों पर आईटीएमएस प्रणाली स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसमें मुंबई संभाग के ठाणे-आच्छाड़, मुंबई-कोल्हापुर (कागल), नासिक-धुले (हदाखेड) जैसे ७२६ किलोमीटर लंबे राजमार्ग शामिल हैं।
पुणे संभाग में पुणे-सोलापुर, पुणे-नासिक, पुणे-छत्रपति संभाजीनगर जैसे कुल ७७६ किलोमीटर लंबे मार्ग और नागपुर संभाग में नागपुर-अकोला, नागपुर-चंद्रपुर, नागपुर-देवरी के बीच ४६६ किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल हैं। यातायात अनुशासन बनाए रखने और दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से इस मार्ग पर यह प्रणाली स्थापित की जाएगी। इस मार्ग पर अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे और वाहनों की गति की जांच के लिए ‘औसत गति जांच प्रणाली’ होगी। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों का पता लगाने के लिए ‘लेन अनुशासन उल्लंघन जांच प्रणाली’ भी कई स्थानों पर लगाई जाएगी।
सौर और पारंपरिक ऊर्जा का उपयोग
परियोजना की अनुमानित लागत ७८६.६९ करोड़ रुपए में से २३२.१ करोड़ रुपए वैâपेक्स, ५२४.५९ करोड़ रुपए ओपेक्स और ३० करोड़ रुपए बिजली कनेक्शन पर खर्च किए जाएंगे। इस राजमार्ग पर ब्लैक स्पॉट को बिजली आपूर्ति करने के लिए सौर और पारंपरिक ऊर्जा का भी उपयोग किया जाएगा।
‘आईटीएमएस’ प्रणाली के लाभ
एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही है। इस पृष्ठभूमि में एमएसआरडीसी ने यहां अत्याधुनिक आईटीएमएस (इंटेलिजेंट मैनेजमेंट ट्रैफिक सिस्टम) प्रणाली स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से क्रियान्वित की जाएगी। यह प्रणाली एक्सप्रेसवे पर यातायात को विनियमित करने और दुर्घटनाओं को रोकने, दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करने और तेज, सटीक व पारदर्शी टोल संग्रह सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित है।
सरकार ने नौ राष्ट्रीय राजमार्ग पर आईटीएमएस प्रणाली स्थापित करने को मंजूरी दे दी है। इस प्रणाली से ११ प्रकार के यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों का स्वचालित रूप से चालान किया जाएगा। इससे नागरिकों को यातायात अनुशासन बनाए रखने और दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।’
-विवेक भीमनवार, परिवहन आयुक्त, मुंबई
