उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हनक लगातार घटती जा रही है। एक समय उनके मुख्यमंत्री बनने की खबर मात्र से अवैध मांस की दुकान हो या चौराहे के मजनूं हों, दहशत में रहते थे। लेकिन अब पुलिस की पिटाई करने में भी लोग नहीं चूक रहे हैं। शनिवार की रात पीलीभीत के पूरनपुर नगर में सिपाही को पीटने का मामला सामने आया है। बताया जाता है कि रात्रि गश्त के दौरान देर रात तक दुकान खुलने को लेकर गश्ती दल के दो सिपाहियों ने ढाका मुहल्ले में दुकान बंद करने को कहे तो स्थानीय लोगों को नागवार लगा। मनबढ़ों ने बातचीत को मारपीट में बदल दिया। छह लोगों ने एक सिपाही के साथ हाथापाई शुरू कर दी। सिपाही को नाली में गिरा-गिराकर पीटा। करीब पांच मिनट तक मारपीट होती रही, जिसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। साथ में गया दूसरा सिपाही भी निष्क्रिय बन गया।
वीडियो में मौजूद दूसरे सिपाही की निष्क्रियता साफ दिखाई भी दे रही है। मारपीट के दौरान वह हस्तक्षेप के बजाय दूरी बनाए खड़ा रहा। वह आला अफसरों को फोन कर सूचना देने का साहस भी नहीं जुटा पाया। हालांकि, पूरे मामले में पीड़ित सिपाही की ओर से पूरनपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस संदर्भ में पूरनपुर के थानाध्यक्ष सतेंद्र कुमार सिंह से जब `दोपहर का सामना’ के संवाददाता ने पूछा कि क्या मामला था? कोई गिरफ्तारी हुई या नहीं? इस पर उन्होंने बताया कि इस मामले में तीन गिरफ्तारी हुई है। बाकी आरोपी फरार हैं। उनकी भी जल्द गिरफ्तारी हो जाएगी। निष्क्रिय सिपाही के संदर्भ में कहा कि विभागीय जांच आरंभ हो गई है।
