मुख्यपृष्ठस्तंभमुस्लिम वर्ल्ड : छा गए अली खामेनेई!

मुस्लिम वर्ल्ड : छा गए अली खामेनेई!

-रान में एटमी टेस्ट को मिली `रहबर’ की हरी झंडी

-खामेनेई के सीक्रेट प्लान के आगे अमेरिका का खुफिया तंत्र भी फेल

सूफी खान

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई, जिन्हें वहां रहबर भी कहा जाता है। मोहर्रम की १० तारीख यानी यौमे आशूरा के दिन पब्लिक के सामने आए। इजरायल के साथ हालिया युद्ध के बाद खामेनेई शनिवार को पहली बार सार्वजनिक रूप से किसी कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने राजधानी तेहरान में आयोजित अशूरा की शोक सभा में भाग लिया। यह उपस्थिति न सिर्फ धार्मिक रूप से अहम थी, बल्कि राजनीतिक रूप से भी एक सशक्त संदेश के तौर पर देखी जा रही है।
१३ जून से २५ जून तक ईरान और इजरायल के बीच तगड़ा घमासान हुआ था। कहा जा रहा है कि उस दौरान इमाम खामेनेई को किसी सुरक्षित बंकर में रखा गया था। इजरायल के जरिए हत्या किए जाने की खुली धमकी के बाद अयातुल्लाह खामेनई सिर्फ रिकॉर्डेड बयान दे रहे थे। पब्लिकली उन्होंने इस तरह मंच पर युद्ध के बाद पहली उपस्थिति दर्ज कराई। पूरे दस दिन बाद उनका सार्वजनिक मंच पर आना ईरानी नेतृत्व की स्थिरता और नियंत्रण का प्रतीक माना जा रहा है। यौम ए आशूरा की मजलिस में मंच पर आते ही उनके समर्थन में नारे गूंजने लगे। उनकी आंखों में रौब और आत्मविश्वास था। एक्सपर्ट मानते हैं कि खामेनई इजरायल को इस कार्यक्रम से अपनी ताकत का एहसास करना चाहते थे। जैसे ही उन्होंने इस सभागार में एंट्री ली थी तो उनके कंधे ऊंचे थे, चाल धीमी लेकिन अडिग थी। उनके चेहरे पर गंभीरता थी, लेकिन वह गंभीरता घबराहट की नहीं बल्कि उनके मजबूत इरादों की थी।
यह कार्यक्रम ईरानी शिया समुदाय के लिए बेहद महत्वपूर्ण था। आशूरा, इमाम हुसैन की शहादत की याद में आयोजित होता है। ऐसे समय में खामेनेई की यह मौजूदगी एक पैगाम है कि ईरान युद्ध से थका नहीं है बल्कि और ज्यादा एकजुट होकर आगे बढ़ने को तैयार है। माना जा रहा है कि ईरान में एटमी टेस्ट को खामेनेई की हरी झंडी मिल चुकी है और इस टेस्ट के साथ लंबे समय से सीक्रेट ठिकाने पर रह रहे खामेनेई बड़े एलान कर सकते हैं। अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश का खुफिया तंत्र भी खामेनेई के सीक्रेट प्लान के आगे फेल है।

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