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सुशासन या कुशासन?.. बिहार में कौन कर रहा है खून का सौदा?..खेमका हत्याकांड के बाद मोतिहारी में भी मर्डर

सामना संवाददाता / मोतिहारी

पूर्वी चंपारण जिले के शिकारगंज थाना क्षेत्र में शिकारगंज चौक के दुर्गा मंदिर के पास किराना व्यवसायी विश्वनाथ शाह की गला रेतकर हत्या कर दी गई। बताया जाता है कि विश्वनाथ अपनी दुकान में सो रहे थे, तभी अज्ञात अपराधियों ने धारदार हथियार से उनके गले पर वार कर उनकी जान ले ली। इस घटना के बाद शिकारगंज बाजार में सनसनी पैâल गई। स्थानीय लोगों में इस जघन्य कांड को लेकर गुस्सा और डर का माहौल है। हालांकि, घटना की सूचना मिलते ही शिकारगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मोतिहारी सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस ने हत्या की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक हत्यारों का कोई सुराग नहीं मिला है। प्रारंभिक जांच में व्यक्तिगत रंजिश या लूटपाट का मामला होने की आशंका जताई जा रही है, पर कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है। कारगंज के स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। यह हत्याकांड बिहार में बढ़ते अपराधों की एक और कड़ी है। बता दें कि हाल ही में पटना में बड़े कारोबारी गोपाल खेमका की उनके अपार्टमेंट के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद विपक्ष ने नीतीश सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर जमकर हमला बोला था। अब मोतिहारी में विश्वनाथ शाह की हत्या ने इन सवालों को और गहरा कर दिया।
व्यापारियों की सुरक्षा पर सवाल
स्थानीय लोग और व्यापारी समुदाय इस घटना से खौफजदा है और सरकार के सुशासन के दावों पर अविश्वास जता रहे हैं। बता दें कि मोतिहारी में हाल के महीनों में अपराध की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें संपत्ति विवाद और प्रेम-प्रसंग से जुड़ी हत्याएं शामिल हैं। पुलिस ने जांच के लिए विशेष टीम गठित करने का दावा किया है, लेकिन बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं अपराधियों के बुलंद हौसलों को बताती हैं। विश्वनाथ शाह की हत्या ने एक बार फिर बिहार में व्यापारियों की सुरक्षा और पुलिस का अपराधियों पर प्रभाव को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
पटना से दिल्ली तक अजय के अपराध की दुनिया
पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बीते २४ जून को अजय वर्मा और उसके तीन साथियों की गिरफ्तारी के बाद बताया था कि अजय वर्मा का गैंग पटना में जमीन कब्जा, सुपारी किलिंग और रंगदारी वसूली जैसे अपराधों में सक्रिय रहता है और इसका नेटवर्क दिल्ली तक पैâला हुआ है। अजय वर्मा बेहद शातिर है और दिल्ली के खजूरी खास थाना क्षेत्र में २०२१ में गुड्डू मुनीर की हत्या में उसकी संलिप्तता सामने आई थी। इसके अलावा बीते १७ मई २०२५ को पटना के खाजेकला थाना क्षेत्र में मो. नन्हें पर गोलीबारी की घटना में भी उसका नाम सामने आया था। इस मामले में अजय वर्मा की तलाश की जा रही थी, लेकिन वह लगातार फरार चल रहा था।

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