-देश में बढ़ रही गरीबी
-अमीरों के हाथों में जा रही संपत्ति
सामना संवाददाता / मुंबई
देश में गरीबी बढ़ रही है और देश की सकल संपत्ति का बड़ा हिस्सा कुछ अमीर लोगों के हाथों में जा रहा है, जिसे लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि संपत्ति कुछ अमीर लोगों के हाथों में केंद्रित हो रही है। गरीबों की संख्या लगातार बढ़ रही है। देश गरीबी के बुरे दौर से गुजर रहा है। ऐसे तीखे शब्दों से गडकरी ने अपनी ही सरकार और पीएम मोदी को एक बार फिर हकीकत का आईना दिखाया है।
नागपुर की एक सभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि संपत्ति का विकेंद्रीकरण करने की जरूरत है। गडकरी अक्सर अपने बेबाक बोल के लिए जाने जाते हैं। इस बार भी उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार को आईना दिखाते हुए घेरा है। मोदी सरकार के कामकाज पर अप्रत्यक्ष रूप से सवाल उठाया है। गडकरी ने कहा कि धीरे-धीरे गरीब लोगों की संख्या बढ़ रही है और संपत्ति कुछ अमीर लोगों के हाथों में केंद्रित हो रही है, ऐसा नहीं होना चाहिए। अर्थव्यवस्था इस तरह से बढ़नी चाहिए कि रोजगार पैदा हो और ग्रामीण क्षेत्रों का विकास हो।
सीए अर्थव्यवस्था के विकास इंजिन
गडकरी ने कहा कि हम ऐसे आर्थिक विकल्प पर विचार कर रहे हैं, जो रोजगार पैदा करेगा और अर्थव्यवस्था की वृद्धि को गति देगा। संपत्ति का विकेंद्रीकरण करने की जरूरत है और इस दिशा में कई बदलाव हुए हैं। भारत की आर्थिक संरचना का संदर्भ देते हुए उन्होंने सकल घरेलू उत्पाद में क्षेत्रीय योगदान में असंतुलन की ओर भी ध्यान दिलाया।
उन्होंने कहा कि उद्योग क्षेत्र का योगदान २२–२४ प्रतिशत, सेवा क्षेत्र का ५२–५४ प्रतिशत है, जबकि ग्रामीण आबादी का ६५–७० प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद कृषि का योगदान केवल १२ प्रतिशत है। गडकरी ने उदारवादी आर्थिक नीतियों को अपनाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह को भी श्रेय दिया, लेकिन अनियंत्रित केंद्रीकरण के खिलाफ चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि हमें इस पर चिंता करनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सीए की उभरती भूमिका पर भी प्रकाश डाला। गडकरी ने कहा कि सीए अर्थव्यवस्था का विकास इंजन हो सकते हैं। हमारी अर्थव्यवस्था तेजी से बदल रही है। वे केवल आयकर रिटर्न भरने और जीएसटी जमा करने तक ही सीमित नहीं हैं।
