सामना संवाददाता / प्रयागराज
बारिश को तरस रहे प्रयागराज में गंगा-यमुना का बढ़ना जारी है। कुंभ नगरी प्रयागराज में औसत से कम बारिश के बाद भी पड़ोसी राज्य से आ रहे बाढ़ के पानी से गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ने लगा है। संभावना है कि मंगलवार तक जलस्तर में और वृद्धि होगी।
इस बीच नरौरा बांध से पानी छोड़ने पर कानपुर के जाजमऊ बैराज से करीब 2 लाख क्यूसेक
पानी छोड़ा गया है। संभावना जताई जा रही है कि मंगलवार तक यह पानी प्रयागराज तक पहुंचेगा और दोनों नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होगी। प्रयागराज में अभी गंगा का जलस्तर करीब 78 मीटर और यमुना 75.88 मीटर तक रिकॉर्ड किया गया है। दोनों नदियों का जलस्तर में वृद्धि जारी है। यहां डेंजर लेवल 84.734 मीटर पर है, ऐसे में अभी बाढ़ का खतरा बहुत ज्यादा नहीं है। हालांकि प्रशासन की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं। 12 जुलाई तक तेज बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। कुछ जनपदों तेज बारिश व वज्रपात की आशंका जताई गई है। प्रयागराज जनपद भी इसमें शामिल है। प्रयागराज को येलो जोन में रखा गया है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी जनपद वासियों के लिए प्रयागराज कमिश्नरेट प्रशासन ने एडवाइजरी भी जारी की है। आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। बताया गया है कि यदि आकाशीय
बिजली गिरने की संभावना बनती है, तो पहले से ही सावधानी बरतनी चाहिए। 30-30 का फॉर्मूला अपनाकर बिजली दिखने के बाद 30 तक गिनना शुरू करें, यदि आपके 30 मिनट तक पहुंचने से पहले गड़गड़ाहट सुनाई दे तो तत्काल घर के अंदर जाएं। गड़गड़ाहट की आखिरी आवाज के बाद कम से कम 30 मिनट के लिए बाहरी गतिविधियों को स्थगित ही रखें। बिजली गिरने के दौरान किसान कभी भी खेत में या खुले आसमान के नीचे ना रहें, जितनी जल्दी हो सके पक्की छत के नीचे पहुंच जाएं। इसके साथ ही घर में इलेक्ट्रॉनिक और बिजली के उपकरण को बंद ही रखें।
