सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में इन दिनों गणेशोत्सव के मद्देनजर हर तरफ हर्षोउल्लास का वातावरण है। इस बीच, घरेलू गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए मनपा प्रशासन द्वारा जगह-जगह नि:शुल्क कृत्रिम तालाब बनाए गए हैं। वैसे तो यह नागरिकों की सुविधा और मूर्ति विसर्जन की सुगमता के लिए बनाए गए हैं, लेकिन ठाणे में बनाए गए ये तालाब वसूली का अड्डा बन गए हैं, जहां मूर्ति विसर्जन कर रहे गणेशभक्तों से मनपा के ठेकेदार पैसे वसूल रहे हैं, ऐसा आरोप शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्ष के विभाग प्रमुख ने प्रशासन पर लगाया है।
बता दें कि ठाणे मनपा ने गणेश प्रतिमा के विसर्जन के लिए सभी वार्ड अंतर्गत कृत्रिम तालाबों की व्यापक व्यवस्था की है, लेकिन हकीकत में विसर्जन घाट पर गणेश भक्तों से लूटपाट करने की बात सामने आई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्ष के वर्तकनगर विभागप्रमुख प्रशांत सातपुते का आरोप है कि मनपा द्वारा नियुक्त ठेकेदार मूर्ति विसर्जन के लिए गणेश भक्तों से पैसे की मांग कर रहे हैं।
स्वेच्छा से पैसे देने के बावजूद मनमानी
विसर्जन के दौरान कई भक्त स्वेच्छा से इसलिए पैसा देते हैं, ताकि कर्मचारी प्रतिमा का विधिवत विसर्जन करें। इसके बावजूद ठेकेदार द्वारा नियुक्त कर्मचारी मनमाने तरीके से पैसे मांग रहे हैं, ऐसा आरोप प्रशांत सातपुते ने लगाया। मनपा ने विसर्जन की व्यवस्था मुफ्त में की है, लेकिन उपवन और रायलदेवी के घाटों पर कर्मचारियों द्वारा गणेश भक्तों से लूट की जा रही है, ऐसा शिवसेना पदाधिकारियों ने बताया।
हर भक्त से वसूले रु. ३००-५००
ठाणे मनपा ने १५ स्थानों पर मोबाइल विसर्जन व्यवस्था स्थापित की है, जबकि कोपरी, पारसिक रेतीबंदर, राणानगर, शंकर मंदिर घाट, कोलशेत, बालकुम और अन्य स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए ठेकेदारों को नियुक्त किया गया है। विभागप्रमुख प्रशांत सातपुते और शिवसैनिक महेश अरोलकर ने बताया कि इन ठेकेदारों ने गणेश प्रतिमा के विसर्जन के लिए जिन कर्मचारियों को नियुक्त किया है, वे गणेश भक्तों से तीन सौ से पांच सौ रुपए तक की मांग कर रहे हैं।
