अमेरिकी टैरिफ से कपड़ा निर्यात में गिरावट, इकाइयां बंद होने और रोजगार छिनने की आशंका – विधायक रईस शेख
राजन पारकर / मुंबई
अमेरिका द्वारा भारतीय कपड़ा उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाए जाने के बाद पावरलूम उद्योग पर गहरा संकट मंडरा रहा है। इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए भिवंडी पूर्व से समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर राज्य सरकार से इस संकट का समाधान निकालने की मांग की है।
विधायक रईस शेख ने आशंका जताई है कि अमेरिकी टैरिफ के चलते निर्यात ऑर्डरों में भारी गिरावट आएगी, जिसके कारण बड़े पैमाने पर कपड़ा इकाइयां बंद हो सकती हैं और लगभग 30 लाख पावरलूम मजदूर बेरोजगार हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पावरलूम क्षेत्र पहले से ही बढ़ती लागत और घटती प्रतिस्पर्धा के कारण दबाव में है। यदि सरकार ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो इस क्षेत्र पर निर्भर हज़ारों परिवार गहरे आर्थिक संकट में फंस सकते हैं।
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में विधायक रईस शेख ने प्रमुख उद्योगों पर अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए समिति गठित करने के सरकार के फैसले का स्वागत किया, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि अब ज़रूरी है कि महाराष्ट्र सरकार जनता के सामने एक ठोस कार्ययोजना पेश करे, जिससे रोज़गार की सुरक्षा और इस महत्वपूर्ण क्षेत्र की स्थिरता सुनिश्चित हो सके।
पावरलूम क्षेत्र से जुड़े तथ्य
-महाराष्ट्र भारत के वस्त्र उत्पादन में 10.4% और क्षेत्रीय रोज़गार में 10.2% योगदान देता है।
-राज्य में प्रतिवर्ष लगभग 272 मिलियन किलोग्राम सूत का उत्पादन होता है, जो राष्ट्रीय उत्पादन का 12% है।
-भारत के कपड़ा निर्यात में पावरलूम का योगदान 60% है।
-महाराष्ट्र में लगभग 12.7 लाख पावरलूम हैं, जो देश के कुल पावरलूम का लगभग आधा हिस्सा हैं और लगभग 30 लाख लोगों की आजीविका इसी पर निर्भर है
