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मुंबई-अमदाबाद हाईवे पर अलग-अलग दो सड़क हादसे में दो की मौत, पांच घायल

राधेश्याम सिंह / नायगांव

नायगांव और मांडवी पुलिस थाना क्षेत्रों में दो अलग-अलग भीषण सड़क दुर्घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें 2 युवकों की मौके पर मौत हो गई, जबकि 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसों का मुख्य कारण भारी वाहनों की लापरवाही और सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन बताया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार पहली घटना नायगांव पुलिस स्टेशन की सीमा में घटी, जब एक परिवार मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दर्शन के लिए जा रहा था।

शिकायतकर्ता चिराग पटेल ने बताया कि वह अपने मित्र पटेल केतुलभाई हितेशभाई (32 वर्ष, निवासी वडोदरा, गुजरात) और अन्य साथियों के साथ अरटिका कार (जीजे 06 पीआर 3019) में सवार थे। मुंबई-अमदाबाद हाईवे पर फाउंटेन होटल के पास अचानक उनकी कार एक आयशर ट्रक से टकरा गई, जिसे चालक ने सड़क की तीसरी लेन में खड़ा किया था।  बिना किसी पार्किंग लाइट, इंडिकेटर या चेतावनी संकेत के, घटना के समय वातावरण धुंधला और अंधेरा था। जिससे दिखाई कम दे रहा था। इस हादसे में निराली शर्मा और उसकी चार लोग दामिनी प्रजापति, जैविनी राणा, मेघा शालेकर और अंतिमा शर्मा घायल हो गईं। सभी घायलों का इलाज मिरा रोड के ऑरबिट अस्पताल में चल रहा है। जबकि केतुलभाई हितेशभाई की गंभीर चोट के कारण मौत हो गई। पुलिस ने ट्रक चालक सूर्यबली सिद्धनाथ तिवारी (58 वर्ष, निवासी खैराड़ी रोड, मुंबई) के खिलाफ आपराधिक लापरवाही और वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

दूसरी दुर्घटना मांडवी थाना क्षेत्र के भारोल गांव के पास लोखंडी पुल के पास घटी। शिकायतकर्ता जितेंद्र कोरी अपने आयशर टेंपो (एनएल 01 एएफ 7706) से सूरत से मुंबई की ओर जा रहे थे। रास्ते में एक हाईवा ट्रक (ओडी 23 एस 6589) के चालक ने अपने वाहन को सड़क की तीसरी लेन में खड़ा कर दिया, वह भी बिना किसी पार्किंग लाइट या रिफ्लेक्टर के,इस लापरवाही की कीमत 23 वर्षीय रमेश कुमार रामराज कोरी को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। टेंपो ट्रक से टकरा गया और रमेश की मौके पर ही मौत हो गई।पुलिस ने इस हादसे के लिए भी संबंधित ट्रक चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। दोनों ही मामलों में मांडवी और नायगांव पुलिस ने चालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और मोटर वाहन अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। दोनों घटनाओं की आगे जांच जारी है। इन घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हाईवे पर भारी वाहनों के संचालन को लेकर पर्याप्त निगरानी और सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं ? लापरवाही से खड़े किए गए वाहनों के कारण दो युवाओं की जान चली गई, और पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए है । सड़क पर छोटी सी गलती भी बड़ी त्रासदी बन सकती है।

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