मुख्यपृष्ठसमाचारपूर्व विधायक इंद्रभद्र की प्रतिमा को लेकर भाजपा में 'बवाल'!

पूर्व विधायक इंद्रभद्र की प्रतिमा को लेकर भाजपा में ‘बवाल’!

विक्रम सिंह / सुल्तानपुर

यूपी में अयोध्या से सटे कुशनगरी सुल्तानपुर में ढाई दशक पूर्व धनपतगंज में हाइवे के किनारे अपने जमाने के धुरंधर राजनीतिज्ञ स्व.इंद्रभद्र की स्थापित प्रतिमा को लेकर बवाल शुरू हो गया है। इस बवाल में भाजपा के ही दो विधायक विनोद सिंह व देवेंद्र प्रताप सिंह आमने-सामने आ गए हैं। बसपा काल में मंत्री रह चुके सुल्तानपुर खास के मौजूदा विधायक विनोद सिंह ने प्रतिमा हटवाने को लेकर मुहिम छेड़ दी है। वहीं प्रतिमा यथावत अपने स्थान पर बनी रहे इसके लिए गोरखपुर-अयोध्या स्नातक क्षेत्र के एमएलसी विधायक देवेंद्र प्रताप सिंह ने मोर्चा संभाल लिया है। सुल्तानपुर के डीएम के पास भाजपा के दोनों विधायकों ने एक दूसरे के तर्कों का ‘काउंटर’ करते हुए वार-पलटवार शुरू कर दिया है।..लेकिन विधायक विनोद सिंह ने तो एक कदम और आगे निकलते हुए सीधे सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने ही अपनी अर्जी लगा दी है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि एमएलसी देवेंद्र प्रताप सीमाएं लांघ रहे हैं, कानून व्यवस्था व अतिक्रमण संबंधी आपके ही फरमानों पर सवाल खड़े कर रहे हैं। भाजपा के दो दिग्गजों की इस लड़ाई में फिलहाल स्थानीय प्रशासन ने ‘मौन’ है।

घटनाक्रम इस प्रकार है। सुल्तानपुर की इसौली विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके स्व इंद्रभद्र सिंह धनपतगंज के मायंग गांव के निवासी थे। जिनकी सन २००० में दिनदहाड़े बम विस्फोट से हत्या कर दी गई थी। उन्हीं के पुत्रगण हैं पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू व पूर्व प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू हैं। इस वक़्त दोनों सपा की राजनीति में सक्रिय हैं। वर्षों से विनोद सिंह व भद्र परिवार राजनीति में आमने-सामने हैं। इस वक़्त मामला तब गरमाया जब गत सप्ताह धनपतगंज बाजार में हलियापुर-बेलवाई मार्ग पर सड़क किनारे स्थापित स्व.इंद्रभद्र सिंह की प्रतिमा को अतिक्रमण बताते हुए हटाने के लिये स्थानीय विधायक ने चिट्ठी लिख दी। जिसपर डीएम ने भी एसडीएम व तहसीलदार को निर्देश देकर कार्रवाई शुरू कर दी। इस पर पूर्व विधायक स्व.इंद्रभद्र सिंह के अनुयायियों ने सोशल मीडिया पर विधायक विनोद सिंह के कदम को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया। कहा कि स्व. सिंह जननेता थे। उनके साथ ऐसा सुलूक कत्तई शोभा नहीं देता। इसके बाद गोरखपुर निवासी स्थानीय स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी देवेंद्र प्रताप ने मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने पलटवार किया। डीएम को पत्र लिख विनोद सिंह के पत्र व उनके द्वारा प्रस्तुत तर्को को पूर्वाग्रहपूर्ण बताते हुए संज्ञान में न लेने की बात कह डाली। स्व.जननेता बताते हुए उन्होंने परोक्ष रूप से प्रशासन को आगाह किया कि यदि उनकी प्रतिमा हटी तो कानून व्यवस्था के बाबत अशोभनीय हालात पैदा हो सकते हैं। एक ही दल के दो विधायकों के आमने सामने आ जाने से अभी प्रशासन किंकर्तव्यविमूढ़ ही था कि विधायक विनोद सिंह ने प्रकरण को सीधा सीएम योगी तक पहुंचा दिया। एमएलसी देवेंद्र को संदर्भित करते हुए सीएम को जारी पत्र सार्वजनिक करते हुए विधायक विनोद सिंह ने कहा कि ये एमएलसी यहां के निवासी नहीं हैं और आपकी ही हुक्मउदूली कर रहे हैं। कह रहे कि प्रतिमा हटी तो कानून व्यवस्था को लेकर दिक्कत हो सकती है। उधर सारे मामले पर भाजपा का स्थानीय संगठन मौन है। दोनों ‘भद्रबंधु’ भी मौन हैं।..लेकिन सोशल मीडिया पर दोनों पक्ष आमने-सामने जमकर शब्दबाण चला रहे हैं। देखना है कि ऊंट किस करवट बैठता है!

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