मुख्यपृष्ठनए समाचारअवैध शराब विक्रेताओं के अंतिम संस्कार में ग्रामीण नहीं होंगे शामिल!

अवैध शराब विक्रेताओं के अंतिम संस्कार में ग्रामीण नहीं होंगे शामिल!

-ग्रामपंचायत ने पास किया प्रस्ताव
-विक्रेताओं में मचा हड़कंप

सामना संवाददाता / मुंबई
महायुति सरकार में विदर्भ के वर्धा और गडचिरौली जिलों में शराबबंदी के बावजूद अवैध रूप से शराब की बिक्री जारी है। सरकार की अर्कमण्यता से परेशान गांव वालों ने अवैध शराब विक्रेताओं के खिलाफ ऐसा कदम उठाया है, जिससे शराब विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है।
बताया जाता है कि अति-दुर्गम मन्नेराजाराम ग्रामपंचायत ने शराबबंदी की दिशा में एक ठोस कदम उठाते हुए ग्राम सभा में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया है। इस प्रस्ताव में अवैध शराब विक्रेता के अंतिम संस्कार में शामिल न होने की बात कही गई हैै। मुक्तिपथ ग्राम संगठन, ग्राम पंचायत, पेसा ग्राम सभा, पुलिस विभाग, गोटूल समिति, मुक्तिपथ-शक्तिपथ महिला संगठन, युवा संगठन और पड़ोसी येचली व बामनपल्ली गांवों के पदाधिकारियों की संयुक्त पहल पर यह प्रस्ताव पारित किया गया है।
इसमें शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है और विक्रेताओं पर २०,००० रुपए का जुर्माना लगाने का भी निर्णय लिया गया है। ग्रामीणों ने शराबबंदी के क्रियान्वयन के लिए एक जागरूकता रैली का आयोजन किया था। जिसमें शराब बेचने वालों को दंडित करने के बजाय गांधीवादी रास्ता अपनाया और उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट किया गया। इसके साथ ही उन्हें यह भी चेतावनी दी गई कि अगर आगे से शराब की बिक्री जारी रही तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शराबबंदी अभियान में महिलाओं की अच्छी-खासी उपस्थिति रही।

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