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खेल मैदान में क्रिकेटर की हत्या मामले में १७ साल बाद आया जजमेंट!

•चार में तीन अभियुक्त दोषी करार, एक छूटा
• कल सुनाई जाएगी सजा

विक्रम सिंह/सुल्तानपुर

यूपी के सुल्तानपुर शहर में १७ वर्ष पूर्व एक काॅलेज के क्रीड़ांगन में एक क्रिकेटर की साजिशन धारदार हथियार व बल्ले से पीट पीटकर की गई हत्या के मामले में स्थानीय अदालत ने आखिरकार फैसला सुना दिया है। चार में से तीन हत्यारोपियों को अदालत ने दोषी करार दिया है जबकि एक अभियुक्त साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। अब मंगलवार को अपर जिला जज राकेश यादव दोषी अभियुक्तों को सजा मुकर्रर करेंगे।

बता दें कि, सुल्तानपुर शहर के सिरवारा रोड इलाके में ९ फरवरी,२००८ को एमजीएस काॅलेज ग्राउंड पर लोमहर्षक वारदात घटित हुई थी। जहां एमजीएस काॅलेज के पूर्व प्रधानाचार्य गोरखनाथ सिंह के भतीजे ऋषिकेश सिंह हमेशा की तरह दोस्तों संघ क्रिकेट खेलने आए थे। जब वे बैटिंग क्रीज पर थे तभी उनकी साजिशन आपराधिक तत्वों ने बल्ले और स्टंप व धारदार हथियारों से पीट पीटकर अधमरा कर दिया। जब तक उन्हें चिकित्सा के लिए ले जाया जाता तबतक उनकी मृत्यु हो गई।

मुहल्ले के लोग बताते हैं कि पूर्व में ही मनबढ़ों ने घर पर जाकर दिवंगत युवक को जान से मारने की धमकी भी दे डाली थी। वारदात के बाद मृत युवक के भाई राकेश सिंह ने नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई। पड़ोसी गांव लोलेपुर व नकराही निवासी इरफान जानी, बाबुल, सौरभ मिश्र व नूरमोहम्मद आदि नामजद हुए। पुलिस चार्जशीट कोर्ट में दाखिल होने के बाद लंबा ट्रायल चला। मैराथन ट्रायल में कई न्यायाधीशों ने प्रकरण की सुनवाई की। आखिरकार मंगलवार को अपर जिला जज राकेश यादव ने फैसला सुनाया। नूर मोहम्मद को छोड़ अन्य तीनों आरोपियों को अदालत ने दोषी करार दिया है। अब बुधवार को न्यायालय सजा सुनाएगी। फिलहाल तीनों आरोपियों को कोर्ट से ही कस्टडी में लेने के बाद अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया है। शहर की ये वो चर्चित दुस्साहसिक वारदात है, जिसे लेकर अदालत के फैसले पर वर्षों से शहरवासियों की निगाहें टिकी हुई थीं।

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