-कहीं पैसों के बदले कचरे की थैली, कहीं सोने की हेरा-फेरी, तो कहीं हाथ की सफाई
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई में इन दिनों कई ऐसे गिरोह सक्रिय हैं, जो अलग-अलग तरीके से भोली-भाली जनता को लूटने का काम कर रहा हैं। ये गिरोह बड़ी आसानी से दुकानदारों, ज्वेलरी व्यापारी और आम जनता के साथ ठगी कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि रोजाना हो रही इस तरह की घटनाओं के बावजूद पुलिस बेखबर सो रही है। इतना ही नहीं, कई शिकायतें मिलने के बावजूद अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
दहिसर की बात करें तो यहां के पालती ज्वेलर्स की दुकान में दो महिलाएं पहुंची। एक की उम्र ५० के करीब तो दूसरी की उम्र २५ के करीब थी। उनकी गोद में छोटा बच्चा भी था। उन्होंने अपने पुराने जेवरात बेचने की बात कही। दुकान मालिक ने जेवरात की जांच करवाई तो सभी असली पाए गए। सौदा तय हुआ। इसके बदले एक लाख नकद और ८ लाख के नए जेवरात दिए गए। शातिर महिलाएं पलक झपकते ही हेरा-फेरी करते हुए असली जेवरात की जगह हु-बहू नकली जेवरात देकर फरार हो गर्इं। दूसरी घटना बांद्रा इलाके की है। यहां एक मिठाई की दुकान में एक व्यक्ति पंहुचा, जिसने अपने आपको मनपा कर्मचारी बताते हुए कहा कि उसके पास २० हजार रुपए १० रुपए के सिक्के हैं, उसके बदले वह नोट चाहता है। छुट्टे के लालच में दुकानदार राजी हुआ। फर्जी मनपा कर्मचारी बनकर आए शख्स ने कहा कि वह २० हजार के सिक्के से भरा थैला पास के बैंक सिक्योरिटी गार्ड के पास रखकर आया है, वहीं चलकर दे देगा। २० हजार रुपए के नोट लेकर वह मिठाई दुकान मालिक को लेकर बैंक पंहुचा और सिक्योरिटी गार्ड को सिक्कों से भरा थैला देने को कहा। दुकान पहुंचकर थैला खोला गया तो उसमें कचरा भरा हुआ था। तीसरी घटना माहिम की है, जहां तीन महिलाएं शादी के गहने लेने के लिए पहुंचीं। कई जेवरात देखने के बाद, उन्होंने बाद में आकर खरीदने की बात कही और निकल गर्इं। बाद में ज्वेलर्स मालिक को पता चला कई जेवरात गायब हैं। चौथी घटना कांदिवली में रहनेवाले व्यक्ति को सस्ती दर पर अमेरिकी डॉलर देने का झांसा देकर तीन लोगों ने उससे तीन लाख रुपए ठग लिए। आरोपियों ने इंडियन करेंसी लेकर डॉलर का बंडल दिया था। बंडल के अंदर नकली डॉलर रखे हुए थे।
