राजेश सरकार / प्रयागराज
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सोमवार के दौरे के दौरान पार्टी की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई। कार्यक्रम स्थल के बाहर मेजा विधानसभा क्षेत्र से आए कुछ सपा कार्यकर्ताओं ने विधायक संदीप पटेल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आगामी विधानसभा चुनाव में मेजा सीट से प्रत्याशी बदलने की मांग उठाई।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि वे अपनी शिकायत सीधे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तक पहुंचाने के लिए कार्यक्रम स्थल पहुंचे हैं। उनका आरोप था कि क्षेत्र में वर्तमान विधायक के प्रति कार्यकर्ताओं और जनता में नाराजगी है तथा यदि उन्हें दोबारा टिकट दिया गया, तो पार्टी को चुनावी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने मेजा विधानसभा से किसी अन्य सक्रिय कार्यकर्ता को प्रत्याशी बनाए जाने की मांग की।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर विधायक के खिलाफ नारे लगाए। तख्तियों पर “अखिलेश यादव से बैर नहीं, संदीप पटेल की खैर नहीं” तथा “गली-गली में शोर है, मेजा कमीशनखोर है” जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शनकारियों ने पार्टी नेतृत्व से मांग की कि विधानसभा चुनाव से पहले मेजा सीट पर नए चेहरे को मौका दिया जाए।
कुछ देर तक कार्यक्रम स्थल के बाहर गहमागहमी का माहौल बना रहा। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांग पर कायम रहे और अखिलेश यादव से मिलकर अपना पक्ष रखने की बात कहते रहे।
समाचार लिखे जाने तक विधायक संदीप पटेल की ओर से लगाए गए आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से भी इस विरोध प्रदर्शन को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
